गुड़गांव के नाथूपुर गांव नगर निगम की टीम को अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाही करना भारी पड़ा। गांव वालों ने विरोध में पथराव कर दस्ते में शामिल लोगों के घायल कर दिया।
यही नहीं, दस्ते की गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस ने गांव वालों के बीच फसे लोगों को छुड़ाने के बाद मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है।
नगर निगम आयुक्त डा. प्रवीण कुमार को दोपहर में सूचना मिली कि गांव नाथूपुर स्थित झुग्गियों में आग लगने के कारण 90 झुग्गियां जलकर राख हो गई हैं और उनमें रहने वाले परिवार बेघर हो गए हैं। नगर निगम आयुक्त मौके पर पहुंचे थे।
वहां पर उनको पता चला कि यह झुग्गियां नगर निगम की जमीन पर है। मौके की नापतौल करवाई गई तो पता चला कुछ निर्माण भी उसमें आ रही है। निगमायुक्त ने मौके पर ही जेसीबी बुला ली। देर शाम तक तोड़-फोड़ हुई। इस दौरान झल्लाए गांव वालों ने दस्ते पर पथराव किया। जिसमें टीम के लोग घायल हो गए।
कुछ लोग गांव वालों के बीच हुए विवाद में फंस भी गए थे। गांव वालों ने विरोध में फायर विभाग की दो गाड़ियों टाटा एश व महिन्द्रा पिक-अप में आग लगा दी तथा लगभग आधा दर्जन सरकारी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में लगभग आधा दर्जन कर्मचारी घायल भी हुए हैं, जिनमें से चार फायर कर्मियों को रात में ही अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जिन्हें सुबह अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
एसडीओ अजय पंघाल के बयान पर फेस दो थाना पुलिस ने लगभग एक दर्जन लोगों नामजद करते हुए बसडू उर्फ राकेश, अशोक, कृष्ण, सत्तु पुत्र कृपाराम, रवि पुत्र जगदीश, निक्की, सुभाष, मोरू, विजेन्द्र यादव, तीरथराम पुत्र रोहताश, देबू, सतपाल पुत्र बाबूराम व मनोज पुत्र सियाराम व अन्य अज्ञात 150 लोगों के खिलाफ विभिन्न धारा 109,114, 147,148,149,152,186, 332, 353, 394, 307, 435, 427, 506 आदि के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
दस्ते में निगमायुक्त के साथ चीफ इंजीनियर बी एस सिंगरोहा, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डा. विजयपाल यादव, मेडीकल ऑफिसर डा. सुमित धनखड़, नायब तहसीलदार दीपचन्द यादव, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अमित श्योकंद, एनडी वशिष्ठ व रमन शर्मा, असिस्टैंट इंजीनियर अजय पंघाल, मंजीत दहिया, विशाल गर्ग व राजीव यादव, जूनियर इंजीनियर संजोग शर्मा व वसीम अकरम सहित अन्य निगम अधिकारी शामिल थे।
निगमायुक्त को भी आयी चोट
गांव वालों की ओर से हुए विरोध के बाद निगमायुक्त डाक्टर प्रवीण कुमार सहित कई लोगों को चोट आई है। कुछ लोगों को उपचार के लिए मेडिसिटी में रखा गया है। जबकि निगमायुक्त रात में हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई के लिए चंडीगढ़ चले गए।