स्कूल में लंगूर बांधने को लेकर प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गए पीएफए सदस्यों की कविनगर एसएचओ अरुण कुमार से कहासुनी हो गई। आरोप है कि पीएफए सदस्य रुचिन मेहरा ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से फोन पर एसएचओ की बात कराई।
कार्रवाई से मना करने पर उन्होंने एसएचओ को नौकरी खा जाने की धमकी दी। एसएचओ ने थाने की जीडी में तस्करा लिखा है। हालांकि तस्करे में मेनका गांधी शब्द लिखा है, केंद्रीय मंत्री नहीं।
एसएसपी ने सरकार और शासन को मामले से अवगत कराया है। दूसरी तरफ, रुचिन का दावा है कि मेनका गांधी ने एसएचओ से बात नहीं की है।
ये है मामला
शनिवार दोपहर विजयनगर के रुचिन मेहरा पांच-छह अन्य पीएफए सदस्यों के साथ संजयनगर के एक स्कूल में गए और वहां बंधे लंगूर को मुक्त कराकर कविनगर थाने ले पहुंचे।
बकौल एसएचओ, उन युवकों ने बताया कि वे मेनका गांधी के निर्देश पर पीएफए के लिए काम करते हैं। उन्होंने तहरीर में संजयनगर के एक पब्लिक स्कूल के मालिक और प्रिंसिपल पर स्कूल में लंगूर बांधकर रखने का आरोप लगाया। तभी स्कूल के पदाधिकारी भी थाने आ गए और उन्होंने बताया कि स्कूल में बंदरों को भगाने के लिए लंगूर पैरेंट्स ने रखा है।
इस पर एसएचओ ने प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट लिखने से इनकार कर दिया। बकौल एसएचओ इस दौरान रुचिन ने मोबाइल से फोन मिलाकर उन्हें देते हुए कहा कि मेनका गांधी से बात कर लो।
मैंने फोन पर बात की और कहा कि प्रथम दृष्टया स्कूल मालिक दोषी नहीं है। इस पर मेनका गांधी ने मुझे नौकरी खा जाने की धमकी दी और फोन काट दिया।
थाने से भाग गया लंगूर
इसी घटनाक्रम के दौरान पेड़ से बांधा लंगूर थाने से भाग गया। पीएफए वाले पुलिस पर लंगूर भगाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि एसएचओ का कहना है कि पीएफए के ही एक सदस्य ने आकर जानकारी दी कि लंगूर भाग गया है।
राष्ट्रपति भवन में रखा गया था लंगूर
बंदर भगाने के लिए कई साल पहले राष्ट्रपति भवन और कई अन्य केंद्रीय मंत्रालयों में लंगूर रखे गए थे।