दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मामा की हत्या करने जा रहे भांजे को उसके दो साथियों समेत गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपना गिरोह बना रखा था।
ये पहले किराये पर कार लेते थे और फिर पिस्टल के बल पर उसे लूटकर ले जाते थे।
इस तरह आरोपियों ने हाल ही में आठ आपराधिक वारदात को अंजाम दिया है। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार, शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर सतीश कुमार की विशेष टीम बनाई गई थी।
टीम को 21 सितंबर को सूचना मिली थी कि चांद गिरोह के सदस्य शालीमार बाग होकर बादली जाएंगे। पुलिस टीम ने शालीमार गांव के पास घेराबंदी कर कार सवार तीन बदमाशों को पकड़ लिया।
इनके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल व पांच कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपियों की पहचान मंदिर वाली गली, गांव बाकोली, अलीपुर दिल्ली निवासी अंकित उर्फ गुल्लू (23), गांव मतन बहादुरगढ़, झज्जर हरियाणा निवासी चांद उर्फ राहुल उर्फ काला (30) और अलीपुर निवासी अमित उर्फ कन्हैया (22) के रूप में हुई।
आरोपियों ने बताया कि वह अंकित के मामा भाग सिंह की हत्या करने जा रहे थे। अंकित व भाग सिंह में बेगमपुर स्थित प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो गया था। मामा की हत्या के लिए इन्होंने कार लूटी थी।
इस कार को समयपुर बादली इलाके से किराये पर लिया था और फिर उसे पिस्टल दिखाकर लूट लिया था। अंकित ने जितेंद्र उर्फ गोगी के साथी व अलीपुर निवासी गुलशन भारद्वाज उर्फ गुल्लू से पिस्टल ली थी।
चांद उर्फ राहुल अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पेरोल जंप कर गया था। वह दो महीने पहले ही पैरोल पर बाहर आया था। चांद व अंकित की मुलाकात जेल में हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद अपना गिरोह बना लिया था।