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दो साल पुराने दहेज हत्या के मामले के आरोपी को अब मिली जेल की सजा

Sun, 29 Oct 2017 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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प्रतीकात्मक चित्र
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दो साल पुराने दहेज हत्या के एक मामले में नूंह की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शशि चौहान की अदालत ने दोषी पति को सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 2500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी एक महिला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। जबकि अभियोग में अभी कई आरोपी फरार चल रहे हैं। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को भोंडसी जेल भेज दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, राजस्थान अलवर के किशनगढ़ निवासी पप्पू ने 1 नवंबर 2015 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने बेटी अनीता की शादी 5 माह पहले बबलू पुत्र शेर सिंह निवासी खरखड़ा (अलवर) के साथ की थी। शादी में अपनी हैसियत से अधिक दान दहेज दिया था। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग दहेज से खुश नहीं थे। अधिक दहेज लाने की मांग करते हुए घटना से दो माह पहले आरोपियों ने अनीता को मारपीट कर घर से निकाल दिया था।

बाद में पंचायत में राजीनामा करा दिया गया। अनीता अपनी ससुराल आ गई। घटना से 10-12 दिन पहले ही आरोपी बबलू, अनीता व परिवार को लेकर फिरोजपुर झिरका में रिश्तेदारी में आ गया। यहां सुभाष कालोनी में किराए पर रहने लगा। 31 अक्तूबर 2015 को आरोपियों ने मिलकर अनीता को मार दिया तथा अंतिम संस्कार के लिए उसे चोरी-छिपे गांव खरखड़ा ले आए।
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ग्रामीणों ने शक होने पर उसका अंतिम संस्कार नहीं होने दिया और अनीता के पिता को फोन से सूचना दी। पंचायत के सामने बबलू ने माना कि उसने ही अनीता को मारा है। जिसके बाद पुलिस ने बबलू, महेंद्र, धर्म सिंह, रज्जी, रोशनी तथा श्याम सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी बबलू तथा रज्जी को गिरफ्तार कर लिया था। ट्रायल के दौरान कोर्ट ने रज्जी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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