इनमें से दो की पहचान प्रवीण व अलाद्दीन (दोनों की उम्र 19 वर्ष) के रूप में हुई, जबकि दो आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी उक्त कार से लूट की वारदात को भी अंजाम दे चुके हैं।
दक्षिण जिले के डीसीपी बीएस जयसवाल ने बताया कि 18/19 जनवरी की रात करीब दो बजे वेटरों का समूह फार्म हाउस में एक पार्टी में काम कर एनएच-8 होकर घर लौट रहा था। इस दौरान रास्ते में कुछ युवक पेशाब कर रहे थे। छींटे पड़ने पर वेटरों ने इसका विरोध किया तो पांच युवकों ने डंडों से वेटरों की पिटाई करना शुरू कर दिया।
वेटरों की संख्या ज्यादा थी। उन्होंने भी युवकों को पीट दिया। वेटरों के भारी पड़ने पर युवक अपनी स्विफ्ट कार में सवार होकर फरार हो गए। आरोप है कि कुछ देर बाद युवक तेज रफ्तार से कार चलाते हुए लौटे और दो वेटरों-नेपाल निवासी राजू (23) और बिहार निवासी रामगोपाल यादव (45) पर चढ़ा दी।
इस दौरान अन्य वेटरों ने बिजली की पोल की आड़ लेकर खुद को बचाया। राजू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रामगोपाल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हत्या का मामला दर्ज करने के बाद वसंतकुंज (साउथ) थानाध्यक्ष वेदप्रकाश, एसआई विजय कौशिक, हवलदार गुलाबचंद, सिपाही प्रवीण टोकस और मनोज दहिया की टीम ने चार आरोपियों को धर दबोचा।
आरोपियों ने स्विफ्ट कार में फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। वारदात वाले दिन उन्होंने मंदिर मार्ग इलाके में पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया था और रुपये दिए बिना ही फरार हो गए थे। आरोपियों की हरकत सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।