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ट्रायल लेने के बहाने उड़ा लेते थे कारें और बेचने के लिए अपनाते थे ये तकनीक, दो धरे

Thu, 16 Mar 2017 01:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कार चोरी गैंग के दो सदस्य ग‌िरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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ट्रायल लेने के बहाने कार उड़ाने वाले गैंग के दो बदमाशों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच महंगी गाड़ियां बरामद की हैं।
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गैंग इंश्योरेंस कंपनी से टोटल लॉस कारों के कागज खरीदकर चोरी के वाहनों पर उन नंबरों को चढ़ाकर बेच देता था। चोरी के इन वाहनों का इंजन व चेसिस नंबर भी बदल दिया जाता था।

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि एक मार्च को डीसीपी मधुर वर्मा, एसीपी संजय सहरावत और इंस्पेक्टर नीरज चौधरी व अन्य की टीम को सूचना मिली थी कि गांव बिशनपुर, सिविल लाइंस, मुरादाबाद निवासी आरिफ हुसैन उर्फ राहुल चोरी की गाड़ी को अपने साथी छत्तीसगढ़ निवासी लखविंदर को देने द्वारका सेक्टर-16 में आने वाला है।
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इंजन व चेसिस नंबर बदलकर उसे बेचने की तैयारी थी

बरामद की गई 5 कारें - फोटो : अमर उजाला
सूचना के बाद पुलिस ने डस्टर गाड़ी के साथ आरिफ व लखविंदर को दबोच लिया। बाद में इनकी निशानदेही पर छत्तीसगढ़ से स्विफ्ट, महिंद्रा एक्सयूवी-500, टोयोटा फॉरच्यूनर और एक हुंडई वर्ना कार बरामद कर ली।

पूछताछ के दौरान आरिफ ने बताया कि डस्टर गाड़ी को ट्रायल के बहाने इन लोगों ने दिल्ली के मायापुरी इलाके के शोरूम से उड़ा लिया था। बाद में उसका इंजन व चेसिस नंबर बदलकर उसे बेचने की तैयारी थी।

पूछताछ के दौरान लखविंदर ने बताया कि वह अलीशेर उर्फ इमरान, आरिफ, विनोद और कमल की मदद से वाहन चोरी करके उनके इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बेचते थे। इमरान महाराष्ट्र से वाहन चोरी करता था। वहीं कमल उनके चेसिस व इंजन नंबर बदल देता था। गैंग इंश्योरेंस कंपनी से एक्सिडेंट में खत्म हुई कारों और उनके पेपर खरीद लेते थे।

बाद में उसी कार के मॉडल व कलर के हिसाब से कार चोरी की जाती थी। पुरानी कारों को अच्छे महंगे दामों में बेच दिया जाता था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।
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