दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो करोड़ की फिरौती के लिए अगवा गुरुग्राम के दो कांट्रैक्टर को सकुशल मुक्त कराया है। पुलिस ने इस संबंध में रोहतक के दो प्रॉपर्टी डीलरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नेहरू कालोनी, रोहतक निवासी मनजीत सिंह गिरेवाल और निंदाना, रोहतक निवासी विजय कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक-एक रिवाल्वर, 11 कारतूस और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि एनएचएआई (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) में सड़क बनाने का ठेका दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने दोनों पीड़ितों को दिल्ली बुलाया था। इसके बाद दोनों को होटल में बंधक बना लिया।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि गुरुग्राम सेक्टर-51 निवासी पीड़ित शमशेर (बदला हुआ नाम) ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका सड़क बनाने का काम है। पिछले दिनों उनकी मुलाकात मनजीत से हुई थी।
उसने बताया कि उसकी पहचान बड़े अधिकारियों से है और एनएचएआई का कांट्रैक्ट दिलवाने का भरोसा दिलवाया। मीटिंग कराने के लिए मंगलवार को मनजीत व उसके साथ विजय ने शमशेर व उसके पार्टनर आलम (बदला हुआ नाम) को दिल्ली, करोलबाग स्थित जीवीतेश होटल बुलाया।
दोनों के होटल पहुंचते ही आरोपियों ने आलम व शमशेर को रिवाल्वर दिखाकर बंधक बना लिया। आरोपियों ने दोनों पीड़ितों से दो करोड़ रुपये की मांग की। इधर, रुपयों का इंतजाम करने के नाम पर बदमाशों ने शमशेर को रिहा किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पुलिस को कुछ भी बताने पर आलम को जान से मार देंगे।
पीड़ित ने पहले तो रुपये के इंतजाम का प्रयास किया लेकिन व्यवस्था न होने पर शमशेर ने अपराध शाखा को सूचना दे दी। फौरन एसीपी संजय सहरावत, इंस्पेक्टर सुनील कुमार व अन्यों की टीम ने होटल पर रेड कर आलम को मुक्त करा लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे प्रॉपर्टी डीलर हैं। कारोबार में घाटा और कर्जा होने के कारण दो करोड़ की फिरौती की योजना बनाई। मनजीत ने बताया कि बरामद रिवाल्वर उसके साले सुनील की लाइसेंसी है।