नवंबर, 2018 में मुठभेड़ के बाद पांच बांग्लादेशी बदमाश गिरफ्तार किए गए थे। मई, 2019 में तीन बांग्लादेशी बदमाश गिरफ्तार किए गए थे। शाखा एसीपी पंकज सिंह की टीम को और बांग्लादेशी बदमाशों को पकडने का टास्क दिया गया था। इस टीम को जांच में पता लगा कि मानिक उर्फ इमरान का गिरोह हुबली, कर्नाटक में फार्मेसी मालिक की हत्या व अन्य केसों वांछित है।
एसीपी पंकज सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह, एसआई राजीव बमल व अशोक की टीम ने दो बांग्लादेशियों को सरायकालेखां से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार बांग्लादेशियों की पहचान बांग्लादेश निवासी मानिक उर्फ मास्टर उर्फ इमरान उर्फ मोटा और अलामगीर उर्फ राफिक के रूप में हुई।
संबंधित कोर्ट ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर रखा था। आरोपी पूरे देश में वारदात करते थे। ये भारत में वारदात कर बांग्लादेश भाग जाते थे और फिर कुछ समय बाद वारदात करने भारत आते थे।
ये बेनापोल बॉर्डर से एजेंट के जरिए बांग्लादेश से भारत में प्रवेश करते थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से हत्या, सेंधमारी व लूटपाट के सात मामलों का खुलासा करने का दावा किया है। वारदात के दौरान कोई इनका विरोध करता था तो ये उसकी हत्या कर देते थे।
वर्ष 2001 में पहली बार गिरफ्तार हुआ था
मानिक(35) वर्ष 1996 में मां-बहन के साथ भारत आया था और वर्ष 2001 में सीमा पुरी, दिल्ली में चोरी के मामले में गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2005 में ये जेल से भाग गया था। आलमगीर पर बांग्लदेश में भी केस चल रहे हैं।