दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर नशे के दो सौदागरों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 3.5 किलो हेरोइन बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हेरोइन पाकिस्तान से अफगानिस्तान होकर भारत आती थी।
भारत में सप्लाई होने के अलावा यह यूरोप और अफ्रीका के देशों में भी भेजी जाती थी। तस्कर इसे कैप्सूल के रूप में पेट में छिपाकर लाते थे। एक आरोपी को ड्रग्स के तीन मामलों में सजा भी हो चुकी है।
स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार, एसीपी अत्तर सिंह की टीम ने वर्ष 2017 में करीब 40 किलो हेरोइन बरामद की थी। इस टीम को सूचना मिली कि ड्रग्स तस्कर दिल्ली, एनसीआर, यूपी व पंजाब में सक्रिय हैं।
करीब चार महीने तफ्तीश के बाद टीम को 27 दिसंबर को सूचना मिली कि पंजाब निवासी नशे के दो सौदागर रविशंकर और विकास हेरोइन की खेप लेने न्यू महावीर नगर, विकासपुरी दिल्ली आएंगे।
इंस्पेक्टर अरविंद कुमार व देवेंद्र आर्य की टीम ने घेराबंदी कर होशियारपुर, पंजाब निवासी रविशंकर उर्फ रवि अरोड़ा (50) व विकास उर्फ भोला (30) को पकड़ लिया। इनसे 3.5 किलो हेरोइन बरामद की गई। न्यू महावीर नगर में रहने वाले एक नाइजीरियन युवक से उन्होंने यह खेप ली थी।
पंजाब का बड़ा ड्रग्स सप्लायर है रविशंकर
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, रविशंकर पंजाब का बड़ा ड्रग्स सप्लायर है। वह ड्रग्स के 18 केसों में गिरफ्तार हो चुका है। तीन केसों में उसे सजा सुनाई जा चुकी है। होशियारपुर में उसे दस वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वह पहले होशियारपुर में अवैध शराब बेचता था। इसके बाद मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के संपर्क में आया। पड़ोसी विकास दस महीने पहले ही उसके साथ जुड़ा था। ये नाइजीरियन युवक से पिछले एक वर्ष से हेरोइन ले रहे थे। ये पिछले एक वर्ष में पंजाब में करीब 50 किलो हेरोइन की सप्लाई कर चुके हैं।
हेरोइन का सेवन करता था विकास
रविशंकर का पड़ोसी विकास हेरोइन का सेवन करता था। इस कारण इसकी वित्तीय हालत दयनीय हो गई थी। रविशंकर के संपर्क में आने के कारण वह हेरोइन की सप्लाई करने लगा। वह रविशंकर के साथ हेरोइन की खेप लेने दिल्ली आता था और इसके बाद उसके निर्देश पर पंजाब में सप्लाई करता था।