दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 12 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ दो आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी नितिन गुप्ता और इंफाल, पश्चिम मणिपुर निवासी हफीजुद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपियों ने खुलासा किया कि म्यांमार से मणिपुर होते हुए हेरोइन दिल्ली, एनसीआर, यूपी, पंजाब, हरियाणा व भारत के अन्य हिस्सों के अलावा नेपाल भेजी जाती थी।
आरोपी हेरोइन के पैकेट को एयरपोर्ट पर स्कैनर से बचाने के उन्हें कार्बन पेपर की पतली परतों में लपेटकर लाते थे। इससे एयरपोर्ट पर हेरोइन को पकड़ा नहीं जाता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि पिछले काफी समय से स्पेशल सेल की नॉर्थन रेंज मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों लोगों की छानबीन में लगी थी। ढाई-तीन माह की पड़ताल के बाद पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली कि हेरोइन तस्कर दिल्ली के महिपालपुर स्थित किसी होटल में ठहरा हुआ है।
वह दिल्ली के किसी साथी को हेरोइन देने वाला है। सूचना के बाद होटल सम्राट स्टेय, महिपालपुर के पास इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी व एसआई प्रवीन और अन्यों की टीम ने जाल बिछा दिया। वहां स्कूटी पर एक शख्स आया। कुछ ही देर में एक अन्य शख्स पैकेट लेकर वहां पहुंचा और उसने वह स्कूटी सवार को सौंप दिया।
पुलिस ने दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया। स्कूटी सवार नितिन के पास से एक पैकेट बरामद हुआ, जिसमें डेढ़ किलो हेरोइन बरामद हुई। वहीं हफीजुद्दीन की तलाशी लेने पर डेढ़ किलो का एक पैकेट और मिला। कुल तीन किलो हेरोइन की कीमत 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मणिपुर निवासी हफीजुद्दीन ने खुलासा किया कि वह मणिपुर के बड़े ड्रग्स तस्कर शाहयार उर्फ हैदी का कोरियर है। शाहयार म्यांमार से हेरोइन व अन्य मादक पदार्थ मंगाकर देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा नेपाल में भी अपने कोरियर के जरिये भेजा है।
हेरोइन को एयरपोर्ट पर स्कैनर से बचाने के लिए उसे कार्बन पेपर की पतली परतों में लपेटा जाता है। जिसके बाद वह आसानी से एयरपोर्ट से निकल जाती हैं। वहीं नितिन शाहयार से ड्रग्स मंगाकर दिल्ली में अलग-अलग ड्रग्स तस्करों के अलावा नाइजीरियन नागरिकों को सप्लाई करता है। विदेशी लोग बाद में इस ड्रग्स को यूरोपिन और अफ्रीकी देशों में भेज देते हैं।
पाकिस्तान और बंग्लादेश से भी जुड़े तार
शुरूआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बताया कि हेरोइन म्यांमार से भारत आती थी। हालांकि उत्तर-पूर्वी राज्यों व बरेली व दक्षिण के कुछ स्थानों पर ड्रग्स बनाई जाती है, लेकिन उसकी क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं होती है। वहीं पुलिस आशंका जता रही है कि म्यांमार के अलावा ड्रग्स पाकिस्तान और बंग्लोदश से भी आती है।
पुलिस नितिन व हफीजुद्दीन से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। हफीज ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से हेरोइन कोरियर का धंधा कर रहा है। वहीं नितिन तीन सालों से इस धंधे में लिप्त है। दोनों आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, एक स्कूटी व तीन किलो हेरोइन बरामद की है।