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1.25 करोड़ ऑनलाइन ट्रांसफर मामले में दो गिरफ्तार, पुलिस ने फ्रीज करा दिया था बैंक खाता

Thu, 02 Feb 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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फर्जी तरीके से 1.25 करोड रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां एक आरोपी को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी को जेल भेज दिया गया है। 


बता दें कि 08 दिसंबर 2016 को दिल्ली-बडौदा रोड कैरियर (डीबीआरसी) के खाते से 1.25 करोड रुपये धोखाधड़ी द्वारा जालंधर के एक खाते में ऑनलाइन आरटीजीएस करवा लिए गए थे।

इस मामले में खाता मालिक मदनलाल बावेजा निवासी उद्योग विहार फेज-5 द्वारा साइबर अपराध शाखा को शिकायत की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीएनबी बैंक जालंधर के उस खाते को फ्रीज करवा दिया था, जिसमें यह राशि आरटीजीएस की गई थी।
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12 जनवरी 2017 को थाना उद्योग विहार में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच कर रही साइबर अपराध शाखा निरीक्षक आनंद कुमार ने इस मामले में आरोपी 30 जनवरी को मनिंद्र निवासी रवि नगर एक्सटेेंशन दिल्ली को गिरफ्तार किया।

उसे अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया। उसकी निशानदेही पर 31 जनवरी को जालंधर से आरोपी के साथी गुलशन सिंह निवासी राम विहार कालोनी, जालंधर पंजाब को गिरफ्तार किया गया। 


पूछताछ में मनिंद्र ने बताया कि वह पूर्व में डीबीआरसी का कर्मचारी रह चुका है। उसने नवंबर 2016 में वहां से नौकरी छोड़ दी थी। वह अकाउंट का काम करता था। उसने चोरी से वहां से एक चेक चुरा लिया था।

कंपनी का लैटर हेड भी उसके पास था। मनिंद्र ने गुलशन और जॉनी के साथ मिलकर डीबीआरसी के खाते से बड़ी रकम निकालने की योजना बनाई थी। इनके बीच इस रकम को आपस में बराबर बांटने की बात तय हुई थी। 
 
1.25 करोड़ हड़पने के लिए निकलवाई थी दूसरी सिम 
इस चेक पर मनिंद्र ने डीबीआरसी के मालिक के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए थे और उसमें 1.25 करोड़ की रकम भर दी थी। ये चेक जालंधर में गुलशन को देकर मनिंद्र दिल्ली आ गया। उसने एयरटेल स्टोर पर काम करने वाले दिल्ली निवासी मोनू के साथ मिलकर मदनलाल बावेेजा की सिम डिएक्टीवेट करवा दी और इसी नंबर की दूसरी सिम एक्टीवेट करवाकर ले ली। 
 
इस तरह किया था गोलमाल 
नई सिम एक्टीवेट होने के बाद जॉनी व गुलशन ने एचडीएफसी बैंक करतारपुर में चेक आरटीजीएस के लिए लगा दिया। जब बैंक मैनेजर ने टेलीवेरिफिकेशन के लिए मदनलाल बावेजा के फोन पर कॉल की तो तो कॉल मनिंद्र के पास आई और उसने आरटीजीएस के लिए हां कर दी। जिस पर बैंक ने 1.25 करोड रुपये गुलशन कुमार के खाते में ट्रांसफर कर दिए। 

दोनों आरोपियों को बुधवार को फिर से अदालत में पेश किया गया। जहां आरोपी मनिंद्र को तीन दिन की पुलिस रिमांड लिया गया है। वहीं आरोपी गुलशन सिंह को भोंडसी जेल भेज दिया गया है। आरोपी मनिंद्र से पूछताछ जारी है।
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