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छोटे बच्चों को ट्रेनिंग दे बनाते हैं शातिर चोर, तीन किलो सोना चुराने पर पकड़े गए दो

Wed, 28 Dec 2016 12:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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man arrested with 3 kg gold - फोटो : अमर उजाला
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देहरादून के बॉम्बे ज्वेलर्स के मैनेजर से हरिनगर में हुई तीन किलोग्राम सोने की ईंट चोरी के मामले को दिल्ली पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। मैनेजर ईंटों को एक ज्वेलर से 84 लाख रुपये में खरीदकर देहरादून जा रहा था। पश्चिम जिला के स्पेशल स्टाफ और हरिनगर थाना की पुलिस टीम ने इस मामले में मदनगीर से एक नाबालिग समेत दो लोगों को पकड़ा है।
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पुलिस ने इनके कब्जे से सोने की तीन ईंट बरामद कर ली हैं। पकड़े गए दोनों बदमाश ठक-ठक गैंग के सदस्य हैं। पुलिस गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है। पश्चिम जिला के पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि देहरादून निवासी रचित कुमार गुप्ता देहरादून के बॉम्बे ज्वेलर्स में मैनेजर है। वह 23 दिसंबर को दिल्ली के जनकपुरी के एक ज्वेलर से करीब एक करोड़ की तीन सोने की ईंट खरीदकर कार से देहरादून जा रहे थे।

इसी दौरान सागरपुर लालबत्ती के पास एक बाइक सवार उनकी कार में पीछे से टक्कर मार दी लेकिन चालक ने कार नहीं रोकी। कुछ दूर चलने पर बाइक पर सवार दो युवकों ने चालक को बोनट से तेल गिरने की जानकारी दी। चालक सुरेश ने देखा कि बोनट से धुआं निकल रहा है। कार को किनारे में रोककर सुरेश जांच करने लगा।
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लाल बत्ती पर पहले कर देते हैं टायर पंचर

बरामद की गईं सोने की ईंट। - फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान कार में बैठे रचित की आंखों में तेज जलन होने लगी। रचित भी कार से बाहर निकलकर इंजन के पास पहुंच गया। जब वे वापस पहुंचे तो उनका बैग गायब था।

मामला पुलिस के संज्ञान में आने पर जांच में पता चला कि  ठक-ठक गिरोह इस तरह की वारदात को अंजाम देता है और गैंग के सदस्य जेजे कालोनी मदनगीर इलाके में रहते हैं। पुलिस ने वहां दबिश देकर सोमू (22) और आठ साल के नाबालिग को दबोच लिया। 

सोमू से पूछताछ में खुलासा हुआ हैं कि गैंग के छह सदस्य वारदात को अंजाम देते हैं। सभी सदस्य तीन बाइक पर सवार होते हैं। टारगेट तय करने के बाद सभी कार का पीछा करते हैं।

किसी भी लालबत्ती पर बदमाश बाइक को कार के पीछे टकरा देते हैं और पोकर से टायर को पंचर करने का प्रयास करते हैं। टक्कर के बाद जब कार में बैठे लोगों का ध्यान पीछे की ओर जाता है, इसी दौरान कार के आगे मौजूद गैंग के सदस्य तेल और कुछ ऐसे रसायनिक चीज बोनट पर डाल देते हैं।

इससे कुछ देर में धुंआ निकलने लगता है। कार में बैठे लोगों को लगता है कि इंजन में खराबी आने की वजह से धुआं निकल रहा है और चालक कार को साइड करने पर विवश हो जाता है। इस मामले में पकड़े गए नाबालिग की उम्र आठ साल है।

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गैंग वारदात के दौरान बच्चों का इस्तेमाल कार से बैग व अन्य कीमती सामान को उठाने के लिए करता है। इसके लिए सरगना छोटी उम्र के बच्चे को ट्रेनिंग देता है। वारदात के दौरान वह गैंग के सदस्यों के साथ बाइक पर मौजूद रहता है।
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