बिसाहड़ा कांड में इकलाख हत्याकांड में आरोपी रवि उर्फ रॉबिन के इलाज और कोर्ट में पैरवी के लिए उसकी मां व पत्नी ने अपना मंगल सूत्र तक गिरवी रख दिया था, फिर भी रवि को बचाया नहीं जा सका।
जमानत मिलने के बजाय रवि का शव घर पहुंचा। रवि के जेल जाने के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। पिछले एक साल के दौरान कोर्ट में मामले की पैरवी में घर की जमा पूंजी खत्म हो गई तो नाते-रिश्तेदारों के अलावा बाहर से भी कर्ज लेना पड़ा।
गोरक्षा दल के अलावा अन्य किसी से आर्थिक मदद न मिलने पर मां निर्मला और पत्नी पूजा ने अपना मंगल सूत्र गिरवी रख दिया। 30 सितंबर को रवि के बीमार होने की जानकारी मिली तो इलाज के लिए दोनों ने कुंडल व अन्य जेवरात गिरवी रख दिए।