दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नकली नोटों का धंधा करने वाले तीन बदमाशों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव रसूलपुर, मेरठ निवासी हकीकत चौहान (33), गांव मोहम्मदाबाद, बुलंदशहर निवासी तहसीन (34) और गोनाची, बल्लभगढ़, हरियाणा निवासी फजर (35) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लाख 40 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। सभी नोट 100-100 रुपये के हैं। पुलिस की मानें तो आरोपी फजर हरियाणा में बढ़िया किस्म के पेपर और प्रिंटर की मदद से नोट छापता था। बाद में हकीकत और तहसीन इन नोटों को असली नोटों के साथ मिलाकर बाजारों में चला दिया करते थे।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि राजधानी में कुछ लोग 100-100 के नकली नोटों का धंधा कर रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार को सूचना मिली कि दिल्ली और यूपी में हकीकत व तहसीन नाम के शख्स नकली नोटों का धंधा कर रहे हैं।
दोनों ही नकली नोट लेकर अपनी वर्ना कार से मेरठ जाएंगे। सूचना के बाद वजीराबाद फ्लाईओवर,रिंग रोड के पास सुबह 11 बजे कार सवार दोनों आरोपियों को रोका गया। छानबीन के दौरान कार से 90 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने दोनों से पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपी फजर को भी दबोच लिया।
उसके पास से पचास हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। फजर की निशानदेही पर नोट छापने के लिए उपयोग किए जा रहे पेपर और प्रिंटर भी पुलिस ने बरामद कर लिए। पूछताछ के दौरान हकीकत ने बताया कि वह भलस्वा डेयरी इलाके में कबाड़ी का काम करता है।
तहसीन के जरिये उसकी मुलाकात फजर से हुई थी। तहसीन और हकीकत फजर से नोट लेकर सप्लाई करते थे। एक लाख रुपये पर उन्हें 15 हजार रुपये का फायदा होता था।