केस एक: दिनांक 18 सितंबर। ग्रीन फील्ड कॉलोनी स्थित ट्री कॉन्वेंट स्कूल में घुसे चोर संपत्ति के साथ प्रबंधक के कमरे में लगा डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (इसमें सीसीटीवी कैमरों की फुटेज रिकॉर्ड होती है) भी निकाल ले गए।
केस दो: दिनांक 26 सितंबर 2016। डीसीपी एनआईटी कार्यालय से चंद कदम दूरी पर स्थित सचदेवा मोबाइल शॉप में घुसे चोर करीब साढ़े आठ लाख रुपये कीमत के मोबाइल आदि सामान के साथ दुकान में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर खोल ले गए।
पुलिस की तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमरों पर अब चोरों की नजर टेढ़ी हो गई है। कभी सीसीटीवी से लैस घर दुकानों में घुसने से कतराने वाले चोर अब सबसे पहले इसे ही निशाना बना रहे हैं।
शहर में सीसीटीवी चोरी करने या उसे खराब करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी सीसीटीवी कैमरों की चोरी रोकने के लिए गंभीर दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने सभी सीसीटीवी कैमरों-डीवीआर के लगातार उचित रखरखाव और निगरानी के निर्देश मातहतों को जारी किए हैं। आपराधिक गतिविधियों पर नजर और अपराधियों को काबू में रखने के लिए पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने शहर में 50 हजार सीसीटीवी कैमरे लगवाने का लक्ष्य रखा है।
शहर के प्रमुख बाजार, चौक, आरडब्ल्यूए, आदि जगहों पर 25 हजार से ज्यादा कैमरे स्थापित भी किए जा चुके हैं। इसके अलावा लोगों ने दुकान, घर और निजी इमारतों में भी सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं।
मालूम हो कि सीसीटीवी फुटेज में कैद होने की वजह से पुलिस ने चोरी की कई वारदात सुलझाते हुए चोरों को पकड़ा है। सीआईए सूत्रों के मुताबिक चोर अब सतर्क हो गए हैं।
यही वजह है कि अब घर में घुसने के बाद चोर संपत्ति के साथ ही सीसीटीवी सिस्टम और खासकर डीवीआर खोल ले जाते हैं। फुटेज नहीं मिलने से पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच पा रही है।