फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झुलसी महिला ने दम तोड़ा, मायके वालों ने लगाया जाम

Fri, 05 Jun 2015 01:31 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
रहस्यमय हालात में 24 मई की शाम बर्तन व्यापारी की झुलसी पत्नी अंशिका उर्फ मंजू (35) की बुधवार रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन


घटना से गुस्साए मायके वालों ने लोहियानगर में अंशिका की ससुराल में तोड़फोड़ की और धरना दिया। उन्होंने अग्रसेन भवन के पास मेन रोड पर जाम लगा दिया। इससे पुराने बस अड्डे और मेरठ रोड की ओर जाने वाले वाहनों डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे।

इस दौरान मायके वालों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई। हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी तथा सीओ प्रथम तीन थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और 24 घंटे में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया।
विज्ञापन


उधर, अंशिका के ससुराल वाले घर छोड़कर भाग गए हैं। घर पर ताला लगा हुआ है। मृतका के पिता महावीर गोयल निवासी फरीदाबाद ने बताया कि बेटी अंशिका उर्फ मंजू की शादी फरवरी 2006 में अतुल गर्ग निवासी सी-169 लोहिया नगर से की थी।

ससुराल वालों द्वारा दहेज में 10 लाख रुपये ने देने पर अंशिका को प्रताड़ित किया जाता था। 24 मई को पति, सास, ससुर और ननद ने अंशिका पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। जान बचाकर वह घर से बाहर भागी।

पुलिस की मदद से अंशिका को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे अंशिका का शव लेकर मायके वाले लोहियानगर आए। उन्होंने आरोपियों के घर के बाहर धरना दिया और पत्थरबाजी कर घर में खड़ी कार और दरवाजे तोड़ दिए।

सूचना पर पहुंची सिहानी गेट पुलिस की मायके वालों से नोकझोंक हुई। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतका के परिजनों ने अग्रसेन भवन के पास मेन रोड दोपहर 12:30 से 2 बजे तक जाम लगाए रखा।

हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी अजयपाल, इंदिरापुरम और सिटी सीओ, सिहानी गेट व घंटाघर कोतवाली के एसएचओ, विजयनगर एसओ पुलिस बल के साथ पहुंचे। एसपी सिटी ने जांच कर दोषियों के खिलाफ आश्वासन मिलने पर महिला के मायके वालों ने जाम खोला।

मायके वालों ने चेतावनी दी कि 24 घंटे में कार्रवाई न हुई तो दोबारा जाम लगाएंगे। वहीं, अंशिका के भाई तरुण ने उसका दाह संस्कार किया। उधर, पड़ोसियों का दावा है कि 22 मई को भी अंशिका के साथ मारपीट कर ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया था।
विज्ञापन


4 घंटे वह घर के बाहर खड़ी रही। 24 मई को अंशिका की चीख सुनकर वहां से गुजर रह स्टूडेंटस ने उसे बचाने की कोशिश की थी। इस पर ससुराल वालों ने ऐतराज जताया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें