राजधानी में एक 15 साल की किशोरी का बिन ब्याही मां बनने का मामला सामने आया है। लोक लाज की डर से किशोरी की मां ने बच्चे को अस्पताल के डस्टबिन में डालने की कोशिश की।
लेकिन समय रहते अस्पतालकर्मी ने उसे रोक लिया और बच्चे की जान बचाने के लिए उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया। लेकिन उसकी जान बच नहीं पाई। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की तो इस मामले में नया खुलासा सामने आया।
तफ्तीश में पता चला कि परिवार के एक 30 वर्षीय परिचित ने किशोरी को हैवानियत का शिकार बनाया था। सब्जी मंडी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
साथ ही पुलिस ने बच्चे को डस्टबिन में फेंकने के बाबत भी मामला दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रविवार सुबह 15 साल की किशोरी के पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे लेकर बाड़ा हिंदूराव अस्पताल पहुंची।
30 वर्षीय आरोपी ने किशोरी संग की हैवानियत
छेड़छाड़
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जहां किशोरी ने एक बेटे को जन्म दिया। सभी की नजरों से बचाते हुए किशोरी की मां उस बच्चे को अस्पताल के डस्टबिन में डालने लगी। इसी दौरान एक अस्पताल कर्मी की उस पर नजर पड़ गई और उसने बच्चे को महिला से लेकर उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया और घटना की जानकारी पुलिस को दी।
हालांकि डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन दो घंटे बाद बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल पहुंची पुलिस ने किशोरी की मां से पूछताछ शुरू की।पूछताछ में उसकी मां ने खुलासा किया कि उसके एक परिचित ने किशोरी से दुष्कर्म किया था।
लोक लाज की वजह से परिवार ने चुप्पी साध ली। लेकिन किशोरी गर्भवती हो गई। इस खुलासे के बाद सब्जी मंडी थाना पुलिस ने दुष्कर्म व पोक्सो के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन में जुटी है।