डकैती का मास्टरमाइंड राहुल फिल्में देखकर योजनाएं बनाता था। फिल्मों से ही उसने पुलिस को गुमराह करने की तरकीबें और गैंग तैयार करने सीख ली थीं। यही वजह है कि राहुल अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
उधर पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि सोमवार को मणप्पुरम में हुई डकैती के दौरान डीजे बजाया गया था। वह भी राहुल के दिमाग की तरकीब थी।
यह तरकीब उसे मशहूर फिल्म ‘यादों की बारात’ देखकर मिली थी। इसमें विलेन मर्डर करता है तो उसी समय बाहर पटाखों का शोर किया जाता है। इससे बंदूक की आवाज पटाखों में दब जाती है। उसके बाद विलेन आराम से फरार हो जाता है। राहुल मोबाइल फोन भी नहीं रखता है। इसी लिए पुलिस को उसे पकड़ने में पसीने छूट रहे हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो राहुल 12 साल की उम्र में ही घर छोड़ कर चला गया था। इससे पहले दो और डकैती डालने की योजनाएं भी राहुल के दिमाग की उपज थी। आठ साल बाद जुर्म की दुनिया में कदम रख कर अपने घर पहुंचा था।
पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में यह खुलासे हुए हैं। अगर राहुल के पास मोबाइल फोन होता तो पुलिस उसकी आखिरी कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर उसे पकड़ने के लिए सुराग मिल जाते। लेकिन राहुल के पास मोबाइल न होना पुलिस के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द है।