फरीदाबाद पुलिस ने जिस मणप्पुरम गोल्ड लोन कार्यालय में हुई डकैती की घटना का खुलासा कर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, वह बदमाश और उनके गिरोह के सदस्यों ने अपना ठिकाना नोएडा में ही बना रखा था। दिल्ली-एनसीआर के लुटेरों का गिरोह नोएडा में सक्रिय रहा, लेकिन नोएडा पुलिस ढिलाई बरतती रही और बदमाश वारदात अंजाम देकर आतंक मचाते रहे।
2 मार्च को योजनाबद्ध तरीके से बदमाशों ने नोएडा सेक्टर-20 थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-15 के मणप्पुरम गोल्ड लोन के कार्यालय में डकैती के लिए धावा बोला, लेकिन एक शख्स जान की परवाह किए बिना बदमाशों से भिड़ गया। इसी दौरान कर्मचारियों ने अलार्म बजा दिया, जिससे बदमाशों को भागना पड़ा। मौके पर सेक्टर-20 पुलिस पहुंची और जांच की।
बदमाशों की फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसे पुलिस को सौंपा गया। पुलिस बड़े-बड़े दावे करती रही कि फुटेज के आधार पर बदमाशोें को बड़ी आसानी से पकड़ लिया जाएगा, लेकिन 12 दिन बाद 14 मार्च को इन्हीं बदमाशों ने फरीदाबाद स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन के कार्यालय में डकैती डालकर 17.95 किलो सोना और 4.50 लाख रुपये लूट लिए। नोएडा से यह गिरोह चलाया जा रहा था, लेकिन पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच सकी।
रोहतक के इंजीनियर का हत्यारा भी था पकड़ से दूर
यह कोई नया मामला नहीं है जब नोएडा पुलिस को मुंह की खानी पड़ी हो। 30 अगस्त को सरेआम सेक्टर-24 थाना अंतर्गत एनटीपीसी की लाल बत्ती पर लूट के विरोध में रोहतक के सब इंस्पेक्टर रणधीर सांगवान के बेटे सचिन सांगवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान तत्कालीन एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने दावे किए थे कि बदमाशों को जल्द दबोच लिया जाएगा, लेकिन नोएडा पुलिस बदमाश तक नहीं पहुंच पाई और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो दिन बाद ही बदमाश महफूज को गिरफ्तार कर लिया।
नोएडा सेक्टर-15 के जिस मणप्पुरम गोल्ड कार्यालय में बदमाशों ने डकैती डालने के लिए धावा बोला था, उन्हीं बदमाशों को फरीदाबाद पुलिस ने पकड़ लिया है। उन बदमाशों की फुटेज हमारे पास थ्ी और हमारी टीम उन्हें पकड़ने में लगी थी। उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि यहां की घटनाओं का खुलासा किया जा सके।
- किरण एस, एसएसपी गौतमबुद्धनगर