धूम-2 फिल्म से प्रभावित होकर युवकों ने प्रगति मैदान स्थित नेशनल हैंडीक्रॉफ्ट और हैंडलूम म्यूजियम से करीब दो करोड़ कीमत की 16 पश्मीना शॉलें चोरी कर लीं। लेकिन चंद ही दिनों में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़कर वारदात का खुलासा कर दिया।
विज्ञापन
आरोपी एंटीक शॉलों को विदेश में बेचने की फिराक में थे। पकड़े गए आरोपी की पहचान मुख्य साजिशकर्ता विनय परमार (28), तरुण हर्वोदय (25) और मो. आदिल शेख (40) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से चोरी की गईं सभी 16 शॉलें बरामद कर ली गई हैं।
नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त बीके सिंह ने बताया कि 31 अक्तूबर को प्रगति मैदान स्थित नेशनल हैंडीक्रॉफ्ट और हैंडलूम म्यूजियम से दो करोड़ की 16 पश्मीना शॉलें चोरी होने की कॉल मिली थी।
विज्ञापन
म्यूजियम के प्रबंधक व सिक्योरिटी अधिकारी डी रामाकृष्णा राव ने बताया कि 29 अक्तूबर को म्यूजियम बंद किया गया था। 31 की सुबह जब खोला गया तो सभी कीमती शॉलें गायब थी।
अधिकारी ने बताया कि सभी शॉले कश्मीर से करीब 250 साल पहले आई थीं, जिनकी कीमत दो करोड़ से अधिक है। सूचना के बाद फौरन तिलक मार्ग थाने में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।
जांच के लिए तिलक मार्ग थाने के एसएचओ नरेश सोलंकी व अन्य की टीम ने जांच शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने 13 नवंबर को विनय परमार को कोलकाता से दबोच लिया।
उसके साथी तरुण हर्वोदय को भी कोलकाता से दबोच लिया गया। दोनों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली। इनकी निशानदेही पर 15 शॉल बरामद हुई।
दोनों ने बताया कि एक शॉल इन लोगों ने अपने एक अन्य दिल्ली निवासी साथी आदिल शेख को दी थी। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर उसके पास से शॉल बरामद कर ली। तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन जारी है।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
बरामद किए गए शॉलों के साथ पुलिस के जवान
- फोटो : अमर उजाला
छानबीन शुरू होने पर पता चला कि कुछ दिनों से खुद को कोलकाता का बताने वाले दो युवक म्यूजियम में आते हैं। वह रिसर्च करने की बात कर म्यूजियम की बारीकियां जान रहे थे।
उनमें से एक युवक 22 अक्तूबर को धोखे से म्यूजियम के अंदर बंद हो गया था। बाहर खड़े दोस्त के कहने पर गार्ड्स ने उसे बाहर निकाला। पुलिस को दोनों पर शक हुआ।
पुलिस ने दोनों की कॉल डिटेल्स चेक की तो 29 की रात को दोनों की लोकेशन म्यूजियम के पास की मिली। पुलिस को पूरा यकीन हो गया कि दोनों ही वारदात में शामिल हैं। इसके बाद टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर दोनों को दबोच लिया।
खुद को रिसर्चर बताकर ढाई माह तक की म्यूजियम की रेकी
विनय मूलरूप से गुजरात का रहने वाला है। धूम फिल्म देखकर उसने प्रगति मैदान स्थित म्यूजियम से पश्मीना शॉल चुराने की योजना बनाई। उसने म्यूजियम की सभी कमियों की जानकारी प्राप्त की।
वह तरुण के साथ मिलकर लगातार म्यूजियम जाता था। वहां खुद को रिसर्च छात्र बताकर वहां से जानकारियां जुटाता रहा। सीसीटीवी व अंदर लगे अलार्म की जानकारी के लिए उसने खुद को 22 अक्तूबर को म्यूजियम में कैद कर लिया। न तो अलार्म बजा और न ही सीसीटीवी से उसे देखा गया। बाद में सारी कमियां जानने के बाद 29 अक्तूबर को वारदात को अंजाम दे दिया गया।
पुलिस की गिरफ्त में पकड़े गए चोर
- फोटो : अमर उजाला
विनय ने बताया कि 29 अक्तूबर को वारदात को अंजाम देने के लिए दोनों वहां पहुंचे। योजना के तहत म्यूजियम बंद होने से पूर्व तरुण बेसमेंट में अंदर छुप गया।
बाद में सभी के चले जाने के बाद विनय फोन पर उसे दिशा-निर्देश देता रहा। विनय के कहने पर उसने 16 शॉल म्यूजियम से उड़ाई। बाद में वह खिड़की तोड़कर बाहर आ गए। वहां से भागकर दोनों कोलकाता चले गए। बाद में पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
कई भाषाएं जानता है विनय, कर चुका है विदेश यात्राएं
विनय फ्रेंच, जर्मन, बांग्ला, जापानी, अंग्रेजी समेत कई भाषाएं जानता है। उसे एंटीक वस्तुओं की अच्छी जानकारी है। इसी के सिलसिले में उसने कई देशों की यात्राएं भी की।
वहीं तरुण इसका दोस्त है। दूसरी ओर आदिल भी एंटीक का जानकार है। उसके पिता भी एंटीक का काम करते हैं। आदिल ने दोनों से एक शॉल ले ली थी। वह भी इस सिलसिले में कई देशों की यात्राएं कर चुका है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।