द्वारका इलाके में चार साल की मासूम के साथ हुए यौन शोषण के मामले में पुलिस असमंजस की स्थिति में है। पुलिस इस संभावना को तलाशने में जुटी है कि वारदात में कोई और तो नहीं शामिल है।
पुलिस इस मामले में कानूनी सलाह भी ले रही है। पुलिस स्कूल की लापरवाही की भी जांच कर रही है। बृहस्पतिवार को स्कूल की सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि फुटेज में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है, जिससे जांच में मदद मिल सके। उधर स्कूल प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इस मामले में स्कूल पुलिस की हरसंभव मदद कर रही है।
पुलिस स्कूल के टीचर और अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। चार साल के बच्चे द्वारा सहपाठी के साथ यौन शोषण मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस सवालों में घेरे में है।
दिल्ली पुलिस ने बच्चे के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया
बच्ची के साथ रेप
- फोटो : डेमो फोटो
हालांकि आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने बच्चे के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। बल्कि बच्ची के परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस इस संभावना को भी दरकिनार नहीं कर रही है कि बच्चे की आड़ में किसी अन्य व्यक्ति ने बच्ची के साथ यौन शोषण किया हो। पुलिस इस बात से भी इंकार नहीं कर रही है कि खेलने के दौरान बच्ची को चोट लगी हो।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 82 में साफ कहा गया है कि सात साल तक की उम्र वाले बच्चे को पुलिस नहीं पकड़ सकती है। इस उम्र तक के बच्चे को अज्ञान की श्रेणी में माना जाता है।