प्लॉट के लालच में सास की हत्या करने वाले दामाद को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी अपनी पत्नी के प्लॉट को हथियाना चाहता था और सास इसके खिलाफ थी। इससे नाराज दामाद ने सास का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। मामला बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके का है।
रोहिणी जिला अदालत ने नरेला निवासी अवधेश को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दामाद को लगता था कि पत्नी के प्लॉट को सास उसके नाम नहीं होने दे रही है। इसके चलते उसने सास की हत्या कर दी थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार बंसल ने मृतका की बेटी, दोषी की पत्नी की गवाही के आधार पर फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अवधेश अपनी पत्नी पर प्लॉट ट्रांसफर करने का दबाव डाल रहा था और मृतका इसमें आड़े आ रही थी।
इससे नाराज होकर दोषी ने अपनी सास का गला घोंट दिया। पोस्टमोर्टम रिपोर्ट से भी इसकी पुष्टि हुई है। अभियोजन के मुताबिक राधा ने पहले पति की मौत के बाद अवधेश से शादी की थी। शादी के बाद अवधेश को पता चला कि राधा का पहला पति उसके नाम प्लॉट छोड़ कर गया है।
इसके बाद वह प्लॉट बेचने या उसके नाम करने का दबाव डालने लगा था। राधा की मां बताही देवी इसके खिलाफ थी। पुलिस के मुताबिक आठ अगस्त 2016 की रात अवधेश शराब पीकर घर आया और अपनी सास बताही देवी से झगड़ा करने लगा।
अगली सुबह अपनी मां की चीख सुनकर राधा की आंख खुली तो देखा अवधेश बताही देवी का गला घोंट रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान अवधेश ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा विवादित प्लॉट उसने ही 2010 में पत्नी के नाम पर खरीदा था। पत्नी उसके प्लॉट को हड़पना चाहती थी। इसलिए उसे इस झूठे मामले में फंसा दिया।