दक्षिण-पश्चिम जिला के नजफगढ़ इलाके में गैंगवार में खूनी खेल जारी है। रविवार रात बदमाशों ने दरियापुर गांव में एक बुजुर्ग की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की शिनाख्त जनकराज (58) के रूप में हुई है।
वारदात के समय जनक अपने घर पर सो रहे थे। पुलिस की मानें तो जनक की हत्या गैंगवार का ही नतीजा है। दरअसल वर्ष 2014 में हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिल्ली के चार युवकों की हत्या कर कार समेत जला दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जनकराज परिवार के साथ नजफगढ़ इलाके के दरियापुर गांव में रहते थे। परिवार में पत्नी व दो बेटे हैं। फिलहाल बड़ा बेटा मोगली चारों युवकों की हत्या के आरोप में हरियाणा की जेल में बंद है। रविवार को जनकराज घर की पहली मंजिल पर सो रहे थे। इस बीच रात के समय तीन-चार युवकों ने आवाज लगाकर जनकराज का दरवाजा खुलवाया।
आरोपियों ने ऊपर जाकर सोते हुए जनक पर गोलियां बरसा दीं
जैसे ही जनक की पत्नी ने दरवाजा खोला आरोपी जबरन घर में घुस गए। आरोपियों ने ऊपर जाकर सोते हुए जनक पर गोलियां बरसा दीं। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। गर्दन व शरीर के अन्य हिस्सों में गोली लगने के बाद जनक को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।
मले की छानबीन कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 31 दिसंबर 2014 को बहादुरगढ़ में मनीष, सुधीर, मंदीप और दीपक की हत्या कर कार समेत जला दिया गया था। पहले से जेल में बंद नवीन खाती का भाई भी इन चारों युवकों में शामिल था।
वीन व उसका गैंग मोगली व अन्य से बदला लेने की ताक में था। जिला पुलिस उपायुक्त आर.ए संजीव ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगा रहा है कि गैंगवार में ही जनक की हत्या हुई। मामले की छानबीन की जा रही है।