प्रेमिका व उसकी पति को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारने वाले शख्स को हाईकोर्ट ने आठ सप्ताह तक गुरुद्वारे में सेवा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 20 हजार रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में दान देने के लिए भी कहा है। जस्टिस विनोद गोयल ने इस शख्स के खिलाफ दर्ज एफआईआर व सुनवाई को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश 17 साल पहले हुई घटनाओं की कहानी सुनने के बाद दिया है।
पेश मामले में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान गुवाहाटी में याची की मुलाकात उसकी प्रेमिका से हुई। दोनों के बीच प्रेम हुआ और दोनों ने 2008 में प्रेम विवाह कर लिया। इसकी जानकारी लड़के घरवालों को थी लेकिन लड़की ने अपने माता पिता को इसकी जानकारी नहीं होने दी।
प्रेम विवाह के बाद लड़की माता पिता के घर रहती रही। प्रेमी युगल के बची संबंध बिगड़ने लगे और दोनों में दूरी पैदा हो गई। इसके बाद महिला 2016 में दिल्ली में एक अन्य शख्स के संपर्क में आई और दोनों ने प्रेम के बाद शादी कर ली। इसके बाद वह एक ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए दिल्ली आई। कुछ समय बाद उसका पति कारोबार के सिलसिले में दिल्ली आया और अपनी पत्नी से भी मिला। यहां आकर उसे पत्नी के विवाहेत्तर संबंधों का पता चला।