अटाली के बाद जिले में एकबार फिर सांप्रदायिक तनाव को भड़काने की कोशिश हो रही है। कुछ सिरफिरों ने खंदावली निवासी 16 वर्षीय किशोर जुनैद को सीट के मामूली विवाद में मार दिया। आरोपियों को पीड़ितों के टोपी पहनने पर भी आपत्ति थी। युवक की मौत से गांव में ईद की खुशी मातम में बदल गई। घटना को सांप्रदायिक रंग देने के लिए अब मामले पर राजनीति शुरू हो गई है। सियासी दांव-पेंच चल रहे हैं। शुक्रवार दोपहर जुनैद के शव को गांव में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
जुनैद की मौत ने घरवालों को हिला दिया है। उसका भाई व घटना का गवाह हाशिम अभी भी खौफजदा है। उसने बताया कि ईद के नजदीक आने के कारण बृहस्पतिवार सुबह वह जुनैद, मुईम और मौसिम साथ साथ शटल से सदर बाजार (दिल्ली) खरीदारी करने गए थे। लौटls वक्त तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर 20 से 25 लोग चढ़े। इन लोगों में अधिकांश लोग नौकरीपेशा और दूधिया थे। ज्यादा भीड़ होने के कारण आपस में धक्का-मुक्की हुई। जिसपर इन युवकों का दूसरे लोगों के साथ झगड़ा हो गया।
आरोप है कि इस दौरान सिरफिरे लोगों ने जुनैद के सिर पर रखी टोपी हटा दी। उन्हें खूब बुरा-भला कहा। देशभक्ति का पाठ पढ़ाया। गाय के मांस (बीफ) पर भी जमकर बहस हुई लेकिन किसी को पता नहीं था कि बात इतनी बढ़ जाएगी।
हाशिम ने बताया कि विवाद को बढ़ता देख उन्होंने अपने बड़े भाई शाकिर को फोन पर जानकारी दी। शाकिर अपने साथ कुछ अन्य लड़कों को लेकर स्टेशन पर पहुंचा। शाकिर शटल में चढ़ गया लेकिन बाकी लोग मामला शांत मानकर वापस लौट आए। जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच ट्रेन में जमकर मारपीट हुई। हाशिम का आरोप है कि झगड़े के दौरान एक युवक ने जुनैद को ताबड़तोड़ चाकू मारने शुरू कर दिए। असावटी रेलवे स्टेशन पर गाड़ी के रुकने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
शोक जताने पहुंचे कांग्रेसी
man stabbed to death in train
मामले पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। शुक्रवार को पूर्व परिवहन मंत्री व कांग्रेसी नेता अफताब अहमद और गफ्फार कुरैशी खंदावली पहुंचे। उन्होंने घटना को बेहद शर्मनाक बताया और जांच की मांग की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को भी नहीं बक्शा। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार में मुसलमान सुरक्षित नहीं हैं। गांव पहुंचे विधायक टेकचंद शर्मा ने गमगीन परिवार को ढांढस बंधाया और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़वाने का आश्वसन दिया।
खंदावली निवासी व शिक्षाविद् मास्टर खलील कहते है कि कुछ सिरफिरे जो धर्म का मर्म भी नहीं जानते। ऐसे लोग गंगा-जमना तहजीब को बिगाडने की कोशिश कर रहे है। लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। गांव का सौहार्द नहीं बिगडने दिया जाएगा।
सरपंच निसार अहमद ने बताया कि गांववालों ने सामुहिक बैठक कर रेलवे पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है। इसके अलावा सरकार से आर्थिक मदद और मृतक के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जुनैद सूरत (गुजरात) में मदरसे में मौलवी था। उसके पिता जलालुद्दीन टैक्सी चालक हैं।