औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज की बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा का बृहस्पतिवार दोपहर अपहरण हो गया। अपहरण का पता तब चला जब छात्रा के मोबाइल से उसकी मां के मोबाइल पर मदद के लिए एसएमएस गया।
मगर तब से छात्रा का फोन बंद आ रहा है। छात्रा के भाई ने शाम को थाना इंदिरापुरम में अपहरण की शिकायत दी है। पुलिस छात्रा का मोबाइल सर्विलांस पर लगाकर जांच में जुट गई है।
मूलरूप से सुलतानपुर निवासी शैलजा इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में ही रहती है। शैलजा का भाई अभिनव भी गाजियाबाद स्थित एबीईएस कॉलेज में पढ़ता है।
बृहस्पतिवार सुबह ही भाई-बहन सुलतानपुर से गाजियाबाद लौटे थे। शैलजा वसुंधरा सेक्टर-6 स्थित अपनी बुआ सरिता के घर के लिए रवाना हो गई थी, जबकि अभिनव अपने कॉलेज चला गया।
सुबह नौ बजे शैलजा बुआ के घर से कॉलेज के लिए निकली थी। उसने घर से कुछ दूरी पर स्थित ऑटो स्टैंड से ही ऑटो लिया था।
भाई अभिनव ने बताया कि दोपहर तीन बजे मां के मोबाइल पर शैलजा के मोबाइल से मदद करने के लिए एक एसएमएस आया। एसएमएस पढ़कर मां ने बेटे अभिनव को फोन किया।
तभी से शैलजा का मोबाइल स्विच ऑफ है। शाम को अभिनव बहन के अपहरण की शिकायत लेकर थाना इंदिरापुरम पहुंचा।
एसएचओ इंदिरापुरम राशिद अली ने बताया कि छात्रा का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर जांच शुरू कर दी गई है। लोकेशन तलाश की जा रही है, जहां से मोबाइल बंद हुआ।
मां के मोबाइल पर ये एसएमएस आया था
मां के मोबाइल पर आए एसएमएस में लिखा था ‘पता नहीं कहां ले जा रहे हैं, कई लड़कियां हैं, प्लीज हेल्प’
फिरौती की कोई कॉल नहीं आई
अपहरण की आशंका जता रहे परिजनों के पास अभी तक फिरौती के लिए कोई कॉल नहीं आई है।
पुलिस को लग रहा झोल
पुलिस को अपहरण की घटना में झोल लग रहा है। पुलिस का कहना है कि अगर अपहरण होता तो अपहरणकर्ता सबसे पहले मोबाइल ही छीनते हैं।
अपहरण होने के बाद छात्रा में एमएमएस किस तरह किया होगा। एमएमएस मिलते ही मां ने बेटी को फोन किया था, लेकिन तब से मोबाइल बंद है।