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एनआईए डीएसपी तंजील अहमद की पत्नी फरजाना की एम्स में मौत

Wed, 13 Apr 2016 12:51 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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tanzil ahmad wife death
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डीएसपी तंजील अहमद की पत्नी फरजाना की आज ‌दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया। एम्स से पहले वो सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थीं।
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45 वर्षीय फरजाना भी उस दिन तंजील के साथ शादी से वापस आ रही थीं जब कुछ लोगों ने तंजील पर हमला कर उन पर 24 गोलियां बरसाई थीं। उस वक्त फरजाना को भी 3 गोलियां लगी थीं और तब से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

डॉक्टरों का कहना है कि फरजाना को शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गोलियां लगी थीं जिससे उनके घाव ठीक नहीं हो पा रहे थे और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

2 अप्रैल को हुई थी घटना

9 गोलियां हो गई शरीर के आर-पार - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
एनआईए के डिप्टी एसपी व पठानकोट आतंकी हमले की जांच से जुड़े तंजील अहमद की बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र में बीती देर रात गोली मार कर हत्या कर दी गई। मध्य रात एक बजे यह वारदात हुई। उस समय डीएसपी तंजील अहमद एक शादी समारोह से लौट रहे थे। मारे गए डीएसपी बिजनौर जिले के ही सहसपुर के रहने वाले थे।

पत्नी और दो बच्चों के साथ वैगन-आर कार से शादी समारोह में शामिल होने स्योहारा गए थे। लौटते समय बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी गाड़ी को निशाना बना कर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने पिस्टल से गोलियां चलाई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक तंजील अहमद को करीब 12 गोलियां लगीं जिनमें से 9 गोलियां शरीर के पार हो गईं। बाद में उनकी मुरादाबाद के कासमोट अस्पताल में मौत हो गई।

हिस्ट्रीशीटर पड़ोसी निकला कातिल

तंजील अहमद पर 9 एमएम पिस्टल से किया गया हमला - फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ नहीं बल्कि निजी रंजिश ही थी। उन्हें उन्हीं के गांव सहसपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मुनीर ने मारा था। मुनीर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र है और हत्या की कई दुस्साहसिक वारदातों में चर्चित रहा है। हत्या के पीछे एनआईजी की कोई जांच नहीं बल्कि स्थानीय कारण उजागर हुए हैं।

पुलिस ने सहसपुर और बरेली से मुनीर के चार साथियों को पकड़ लिया है। हत्या में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी बरामद कर ली गई है। मुनीर और शूट आउट में शामिल सहसपुर का ही उसका दूसरा साथी फिलहाल पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। मामला खुलने के बाद बुधवार को आधी रात तक आईजी, डीआईजी और एनआईए व एसटीएफ के आला अफसर बिजनौर में डटे थे और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटे थे।

एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की दुस्साहसिक हत्या से देशभर में भूचाल मचा था। अमर उजाला ने मंगलवार को ही तंजील अहमद से निजी रंजिश रखने वाले हिस्ट्रीशीटर और उसके एक साथी के इस हत्याकांड में लिप्त होने का खुलासा करते हुए उनकी तलाश में पुलिस दबिशों की बात कही थी। बुधवार को जब पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़ी तो कातिल गांव का ही हिस्ट्रीशीटर मुनीर निकला।

पुलिस पूछताछ में मुनीर के साथियों ने घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस महकमे के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि तंजील पर गोलियां सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर मुनीर और यहीं के उसके साथी ने बरसाई थीं। बिजनौर के स्योहारा थाने की एक पुलिस चौकी पर देर रात तक आईजी विजय सिंह मीणा, डीआईजी ओंकार सिंह और एसटीएफ व एनआईए के आला अफसर मुनीर के चार साथियों से पूछताछ कर रहे थे। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या में केवल मुनीर और उसका साथी शामिल थे।

बृहस्पतिवार को इस मामले का खुलासा पूरी तरह कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बिजनौर के सहसपुर गांव में शनिवार की रात एनआईए के डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद की गोलियों से भून कर हत्या कर गई थी। वारदात के समय वह शादी समारोह से लौट रहे थे। इस हत्या की गूंज लखनऊ और दिल्ली से पहुंची तो आठ टीमें खुलासे में लगा दी थी।

लंबे समय से रची जा रही थी तंजील की हत्या की साजिश

तंजील अहमद को अंतिम विदाई - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
पुलिस के हत्थे चढ़े शुटरों ने पुलिस को बताया है कि एनआईए अफसर मो. तंजील अहमद की हत्या की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी। पहले भी उन्हें मौत के घाट उतारने की प्लानिंग की गई थी। लेकिन तंजील अहमद के दिल्ली से सहसपुर आने की किसी को जानकारी नहीं होती थी। वह अचानक अपने गांव आते और कुछ घंटे रुकने के बाद ही वापस चले जाते थे। इस बार शादी का शोर मचा था और तंजील के आने की पूरी उम्मीद थी। लिहाजा इस बार उनके दुश्मन अपने मकसद में कामयाब हो गए।

अलीगढ़ में दो हत्याएं कर चुका है मुनीर
सूत्रों की माने तो तंजील अहमद की हत्या में जिस हिस्ट्रीशीटर मुनीर का हाथ होने की बात कही गई है वह एएमयू का छात्र रहा है। अलीगढ़ में एक कारोबारी और छात्र की हत्या में भी मुनीर का नाम सामने आया था। लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उस पर अलीगढ़ में पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। अलीगढ़ की गई थी हत्याओं में भी 9 एमएम के हथियार का ही इस्तेमाल किया गया था। इन दो घटनाओं के अलावा भी उसने कई हत्याएं की थीं। सूत्रों की माने तो हिस्ट्रीशीटर दिल्ली के ओखला में भी लंबे समय तक रहा। इस इलाके में ही तंजील अहमद अपने परिवार के साथ रहते थे।

पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरों से मिली मदद
शादी समारोह के वीडियो और स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को सफलता नहीं मिली तो पुलिस ने एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। जिसमें बाइक सवार दो लोगों को पहचान लिया गया। इसके अलावा भी वह लगातार इलाके में घूम रहा था। घटना वाली रात भी वह इलाके में ही घूमता देखा गया था।

मुरादाबाद में पुलिस ने दी दबिश
एटीएस और पुलिस के हत्थे चढ़े शूटरों के साथियों की तलाश में बुधवार को पुलिस ने मुरादाबाद, संभल, बरेली, रामपुर और चांदपुर, नूरपुर और मेरठ में भी दबिश। देर रात तक पुलिस छापेमारी की। एनआईए अफसर की हत्या के खुलासे में जुटीं टीमें के साथ आईजी बीएस मीना ने बुधवार की रात बिजनौर में मीटिंग ली। उन्हें दिशा निर्देश दिए। सूत्रों की माने तो पकड़े गए शुटरों से भी आईजी व अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने पूछताछ की।
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एक मह‌िला भी है शाम‌‌िल

तंजील अहमद
नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी के अफसर तंजील अहमद की हत्या करने वाले गिरोह में एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि महिला समारोह में भी गई थी। लेकिन उस पर किसी को शक नहीं हुआ था। पकड़े गए शूटरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने महिला का नाम भी पुलिस को बता दिया। लेकिन घटना के बाद से महिला भी अपने घर से फरार है। पुलिस महिला की गिरफ्तारी को उसके रिश्तेदारों के घर तलाश रही है।

हत्याकांड में कई लोगों के शामिल होने का दावा
भले ही पुलिस अफसर इस हत्याकांड में अभी कुछ बोलने से बच रहे हों। लेकिन सूत्रों का दावा है कि अफसर की हत्या में कई लोगों के शामिल होने का दावा किया जा है। पुलिस ने दो शूटर पकड़ लिए हैं। लेकिन एटीएस और लोकल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में ताबड़ तोड़ छापे मार रही है।

सगाई में भी आए थे तंजील के हत्यारे
एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद अपनी भांजी की सगाई में भी सहसपुर आए थे। तब भी उनकी हत्या की कोशिश की थी। लेकिन हमलावर और साजिश रचने वाले अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए थे। सूत्रों का दावा है कि इसके बाद हमलावरों  ने शादी में हत्या करने के लिए अपना होमवर्क शुरू कर दिया था। कई बार इलाके की रेकी भी की गई थी। पकड़े गए शूटरों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें भी अंदेशा था कि तंजील के साथ के उनके गनर भी हो सकते हैं। इस लिए वह काफी हथियार और कारतूस लेकर आए थे।
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