बंटी चोर की तरह ही शानो-शौकत से रहने और शेवरले क्रूज कार वाला सुपर चोर इस बार पूर्वी जिला पुलिस के हत्थे चढ़ा है। इससे पूर्व अगस्त में दक्षिण जिला पुलिस ने इस सुपर चोर को नेताओं, ब्यूरोक्रेट्स, जजों और सरकारी अफसरों को निशाना बनाने के आरोप में पकड़ा था।
सुपर चोर की पहचान सिद्धार्थ मेहरोत्रा (27) के रूप में हुई है। मौजूदा समय में यह पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाके आईपी एक्सटेंशन में वारदात को अंजाम देकर मोटा माल उड़ा रहा था। उड़ाए गए जेवरात को मूथुट फाइनेंस में रखकर लोन लेकर यह अपने महंगे शौक पूरे करता था।
पुलिस ने इसके पास से शेवरले क्रूज कार, 90 हजार का आईफोन व लाखों रुपये के जेवरात व 44 हजार कैश के अलावा अन्य सामान बरामद किया है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिन से पूर्वी दिल्ली के पॉश मधु विहार में चोरी की घटनाएं हो रही थीं।
छानबीन के दौरान पुलिस को एक जगह से सीसीटीवी फुटेज बरामद हुई, जिसमें चोर महंगी क्रूज कार से आता हुआ दिखाई दिया। छानबीन की गई, तो आरोपी की पहचान सिद्धार्थ मेहरोत्रा के रूप में हुई। सिद्धार्थ को दक्षिण जिला पुलिस अगस्त में दबोच चुकी थी।
सिद्धार्थ 13 अक्तूबर को जेल से छूटा था
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पिछले महीने सिद्धार्थ 13 अक्तूबर को जेल से छूट गया है। पुलिस ने सिद्धार्थ की तलाश शुरू की। 25 नवंबर को आरोपी को मैक्स अस्पताल के पास शेवरले क्रूज कार के साथ दबोच लिया गया।
उसके पास से काफी मात्रा में जेवरात, कैश व चोरी के माल से खरीदा गया 90 हजार रुपये का आईफोन बरामद हुआ। आरोपी ने बताया कि वह चोरी करने के बाद उड़ाए गए गहनों को गिरवी रखकर लोन ले लेता था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिद्धार्थ इससे पूर्व 2013 में अशोक विहार व मयूर विहार में चोरी की चार और 2015 में नोएडा में चोरी की 7 वारदात में शामिल रहा है। वसंत कुंज में वह 18 वारदात में शामिल रहा था। नोएडा में 34 लाख चोरी करने के बाद उसने नई क्रूज कार व स्पोर्ट्स बाइक खरीदी थी। अब तक वह कुल 28 वारदात में शामिल रहा है।
दिनदहाड़े देता था घटना को अंजाम
आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह क्रूज कार में दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम देता था। दक्षिण दिल्ली में उसने ज्यादातर नेताओं, ब्यूरोक्रेट्स, जजों और सरकारी अफसरों के मकानों को निशाना बनाया।
चोरी करने से पूर्व वह घर के बाहर पहुंचकर डोर बेल बजाता था। कई बार बेल बजाने के बाद यदि कोई नहीं निकलता था, तो समझ जाता था कि घर में कोई नहीं है। वहां किचन की खिड़की के रास्ते घुसकर वारदात को अंजाम देता था।
परिवार ने कर दिया था घर से बेदखल
चोरी की बुरी आदत के कारण परिवार ने सिद्धार्थ को घर से बेदखल कर दिया था। उसके पिता अशोक मेहरोत्रा सरकारी बैंक में डीजीएम थे। आरोपी ने खुद एनिमेशन का डिप्लोमा किया हुआ है। घर छोड़ने के बाद उसने शादी की। शुरुआत में पत्नी को नहीं पता था कि सिद्धार्थ चोर है। बाद में पत्नी को पता चल गया।
सिद्धार्थ का एक बेटा भी है। आरोपी को घूमने का शौक है। पुलिस की मानें तो वह पत्नी को घुमाने के अलावा दोस्तों के साथ तीन बार मुंबई, एक बार लेह-लद्दाख और मनाली घूमने गया। आरोपी को महंगे कपड़े पहनने और महंगी कार व बाइक चलाने का शौक है। फिलहाल वह किराये का मकान लेकर शक्ति खंड-4, इंदिरापुरम, गाजियाबाद में रहता था।