छात्रा का अपहरण करने और उसके साथ दस दिनों तक दुष्कर्म करने के मामले न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल का कारावास और 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।सरकारी वकील मनोज तेवतिया ने बताया कि 16 जून 2012 को नोएडा के एक गांव में रहने वाली अपनी बहन के यहां दिल्ली से दो किशोरी आई हुई थीं।
एक किशोरी की उम्र 15 और दूसरी की 13 साल थी। नोएडा के छिजारसी गांव के रहने वाले अरविंद ने दोनों बहनों का अपहरण कर लिया। आरोपी अरविंद ने दोनों का अपहरण करने के बाद नौवीं की छात्रा से दस दिनों तक दुष्कर्म किया।
10 दिनों तक आरोपी दोनों को नोएडा से बुलंदशहर, कानपुर, लखनऊ और इलाहाबाद तक घुमाता रहा। पुलिस ने आरोपी के फोन को सर्विलांस पर लेकर 26 जून 2012 को इलाहाबाद से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी को लुक्सर जेल भेज दिया गया था। उसको कोर्ट ने जमानत नहीं दी थी। तब से ही आरोपी जेल में है। मामले में नोएडा पुलिस ने आरोपी अरविंद के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया। मामले की सुनवाई गौतमबुद्धनगर के फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश बीके सिंह ने की। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से 11 गवाह पेश किए गए।
पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अरविंद को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए 10 साल का कारावास और 65 हजर रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न जमा करने पर आरोपी को 10 माह का कारावास और भोगना होगा। जेल में बिताई अवधि को भी सजा में समायोजित किया जाएगा।