निहाल विहार इलाके में अपने 12 साल के सौतेले बेटे की नफरत ने एक व्यक्ति को गुनहगार बना दिया। बेटे से पीछा छुड़ाने के लिए एक सप्ताह पहले आरोपी गंडासे से उसकी हत्या कर फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने खुलासा किया कि वह सौतेले बेटे को उसके असली पिता के पास भेजना चाहता था, लेकिन उसकी मां ऐसा करने से रोक देती थी।
पश्चिम दिल्ली पुलिस उपायुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि गत 10 अप्रैल की दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि निहाल विहार में रहने वाले एक शख्स ने अपने सौतेले बेटे विश्वजीत (12) को गंडासा मारकर जख्मी कर दिया है।
महिला ने बताया कि विश्वजीत उसके पहले पति का बेटा था
हत्या
मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। अगले दिन उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
विश्वजीत की मां ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना को उसके पति अंधखेड़ा शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश निवासी सेवा राम (28) ने अंजाम दिया है। महिला ने बताया कि विश्वजीत उसके पहले पति का बेटा था।
निहाल विहार थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर सेवाराम की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में उसके गांव में दबिश दी, लेकिन सेवाराम वहां नहीं मिला। 17 अप्रैल को पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर निहाल विहार से आरोपी को दबोच लिया।
उसने गंडासे से विश्वजीत पर हमला कर दिया
पुलिस ने उसके निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल गंडासा बरामद कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सौतेले बेटे से नफरत करता था। उसे उसके पिता के पास भेजना चाहता था। लेकिन विश्वजीत की मां बेटे को अपने पास ही रखना चाहती थी।
इसलिए उसने विश्वजीत को रास्ते से हटाने का फैसला किया। घटना के दिन उसकी मां फैक्टरी गई थी। इसी दौरान उसने गंडासे से विश्वजीत पर हमला कर दिया।
लेकिन इसी दौरान उसकी मां आ गई। फरार होने के दौरान सेवाराम ने पत्नी से कहा कि उसने पहले पति की निशानी को खत्म कर दिया है।