डीएलएफ कॉलोनी में दो सप्ताह पूर्व ठेकेदार की हत्या उसकी दूसरी पत्नी ने की थी। वह अपनी सौतेली बेटियों पर गलत नजर रखता था तथा कॉलोनी की एक महिला से भी उसके अवैध संबंध थे। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि डीएलएफ अंकुर विहार कॉलोनी निवासी रामकिशोर की सिर पर धारदार हथियार से वार कर हत्या की दी गई थी। 12 जून को उसका दो दिन पुराना शव उसी के घर से बरामद हुआ था।
उसके पुत्र अरुण ने अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी गोरखनाथ यादव ने बताया कि रामकिशोर ठेेकेदार था तथा शराब पीने का आदि था। उसने पहली पत्नी लाजवंती के होते हुए भी 1984 में आशा देवी से दूसरा विवाह कर लिया था।
आशा के दो बेटी एवं एक बेटे था। उसकी दोनाें बेटियां किशोरावस्था में पहुंची तो रामकिशोर उन पर गलत नजर रखने लगा, जिस पर आशा ने दोनों बेटियों को अनाथालय में रखकर पाला तथा युवा होने पर दोनों की शादी कर दी, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी बड़ी बेटी ममता के पति की चार वर्ष पूर्व मौत हो गई थी।
शराब के नशे में धुत रामकिशोर 10 जून की रात आशा पर ममता को घर बुलाने का दबाव बना रहा था। इंकार करने पर वह उसके साथ मारपीट करने लगा, जिस पर आशा देवी ने छुरी से सिर पर वार कर राम किशोरी की हत्या कर दी और छोटी बेटी के घर चली गई।
पुलिस ने आशा के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो दस जून की रात उसकी लोकेशन डीएलएफ कॉलोनी में ही मिली, जबकि आशा ने नौ जून को ही छोटी बेटी योगिता के घर जाने की बात कही थी। आशा ने पुलिस को बताया कि रामकिशोर के कॉलोनी में ही रहने वाली एक महिला से प्रेम संबंध थे।
वह उस पर बेटियों को अनैतिक कार्य के लिए घर बुलाने का दबाव बनाता था और इंकार करने पर कॉलोनी की महिला से शादी करने की चेतावनी देता था। पुलिस ने आशा देवी का गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।