विजिलेंस ने नगर निगम गुड़गांव के सफाई विंग में बतौर स्टेनो कार्यरत शशिभान को दो लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपी पर यह कार्रवाई बुधवार देर शाम की गई थी।
आरोपी से पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है।
मामले की जांच कर रहे निरीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया कि दौलताबाद निवासी वीरेंद्र कुमार ने विजिलेंस के स्पेशल डीजी शील मधुर को शिकायत दी थी कि शशिभान उससे दो लाख रुपये की रिश्वत मांग कर रहा है।
शिकायतकर्ता ने विजलेंस को बताया कि उसने राजेंद्रा पार्क स्थित अपने प्लॉट में नगर निगम से नक्शा पास कराए बिना ही मकान बनाना शुरू कर दिया था।
जिस पर कुछ दिन पहले आरोपी शशिभान ने उसे नोटिस दिया था। नोटिस मिलने के बाद जब शिकायतकर्ता वीरेंद्र नगर निगम कार्यालय में शशिभान से मिला तो उसने नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में 40 हजार रुपये की रिश्वत ली। उसके कुछ दिन बाद नगर निगम द्वारा वीरेंद्र को दुबारा नोटिस भेजा गया।
पीड़ित के मुताबिक इस नोटिस के बाद आरोपी शशिभान ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं करने के एवज में दो लाख रुपये मांगे। जिसके बाद उसने अपनी शिकायत विजिलेंस को दी।
विजिलेंस ने एक टीम बनाकर वीरेंद्र को पाउडर लगे दो लाख रुपये दिए जो शशिभान को रिश्वत के तौर पर देने थे। जैसे ही वीरेंद्र ने शशिभान को पैसे दिए विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। विजनेंस ने आरोपी शशिभान के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।