विशेष पोक्सो अदालत ने सोमवार को दो आरोपियों सजा सुनाई। इसमें से एक ने बच्चे से अप्राकृतिक यौनाचार और दूसरे ने बच्ची का यौन शोषण किया था।
बच्ची से छेड़छाड़ में तीन साल कैद
बच्ची के यौन शोषण मामले में विशेष पोक्सो अदालत ने जगतराम को तीन साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। मूलत: बहराइच निवासी जगतराम ने गाजीपुर में वारदात को अंजाम दिया था। कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग ने जगतराम को तीन साल कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के मुताबिक, गाजीपुर स्थित अपने घर पर पीड़िता 28 मई, 2013 मां के साथ सो रही थी। पड़ोस में रहने वाले जगतराम ने बच्ची से छेड़छाड़ की थी। बच्ची के शोर मचाने पर उसके माता-पिता व पड़ोसियों ने जगतराम को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
बच्चे से यौन शोषण करने वाले को 1 साल की कैद
बच्चे से अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपी को उसकी आयु व पुराना अपराधिक
रिकार्ड न होने के मद्देनजर एक साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि
अदालतों को आरोपियों के प्रति सुधारवादी सोच अपनानी चाहिए।
पटियाला
हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने राम परवेश को
प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रोम सेक्सुअल ऑफेंस (पोक्सो) कानून की कई धाराओं
के तहत दोषी ठहराते हुए एक साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा
सुनाई है।
अदालत ने फैसले में कहा कि इस मामले में आरोपी की आयु कम
है और उसका पुराना अपराधिक रिकार्ड नहीं है। केस के तथ्यों, हालातों व
आरोपी की उम्र के मद्देनजर उसे एक साल कठोर कैद की सजा सुनाई जाती है।
पुलिस
के मुताबिक राम परवेश ने नाबालिग से जून 2013 में अप्राकृतिक यौनाचार किया
था। बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था। आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया और
उससे कुकर्म किया।