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डेढ़ घंटे में छह हत्याओं ने खड़े किए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Wed, 03 Jan 2018 10:48 AM IST
अनूप पाराशर/अमर उजाला, पलवल
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- फोटो : अनूप पराशर
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डेढ़ घंटे में छह लोगों की हत्या होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ पुलिस शहर में नए साल के अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और रात्रि गश्त व पेट्रोलिंग के दावे कर रही थी, वहीं एक व्यक्ति ने शहर थाने के गेट के पास और वहां से 500 मीटर के दायरे में रॉड से पीट पीटकर इतने लोगों की जान ले ली। वारदात के वक्त न तो पुलिस गश्त का पता था और न ही पेट्रोलिंग। जिस-जिस  क्षेत्र में वारदात हुई, वहां लोग घरों में के अंदर दुबके रहे।

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अस्पताल में महिला को बचाने को नहीं आया
जिले के निजी अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन रात 2:30 बजे अस्पताल की पहली मंजिल पर जाकर आईसीयू के बाहर बेंच पर सो रही महिला की रॉड मारकर हत्या कर दी गई। लेकिन उसे बचाने के लिए न तो कोई स्टाफ मौजूद था और न ही कोई सुरक्षाकर्मी। आरोपी हाथ में रॉड लेकर अस्पताल में घूमता रहा लेकिन किसी ने देखा तक नहीं। महिला के परिजन सुबह 7 बजे तक रोते रहे पर न तो अस्पताल का कोई डॉक्टर आया और न ही कोई स्टाफ व सुरक्षा कर्मी।
वारदात की जानकारी मिलने पर कर्मचारियों के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती और अन्य मरीज वहां से चले गए। देखते ही देखते अस्पताल पूरी तरह से खाली हो गया। उधर मृतक महिला के परिजन अस्पताल के डॉक्टरों को फोन करते रहे, लेकिन कोई अस्पताल में नहीं आया।
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चौकीदारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा
पुलिस ने आरोपी की खोजबीन के साथ ही बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर चौकीदारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा। शहर में जहां भी कोई व्यक्ति सड़क या खुले में बैठा मिला, पुलिस ने उसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा।

मॉर्निंग वाक पर नहीं गए लोग
डर की वजह से लोग मोती पार्क में मॉर्निंग वाक करने नहीं गए। वहीं, शहर के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोग सरकारी अस्पताल और घटनास्थलों पर अवश्य जानकारी लेने पहुंचे। सुबह 7 से लेकर 7:30 बजे तक आरोपी के गिरफ्तार न होने तक लोग पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठाते रहे।

सूचना देने थाने पहुंचा आरोपी का ससुर
कहा, नरेश के हाथ में रॉड है और वह किसी की जान लेना चाहता है
हत्या के आरोपी नरेश धनखड़ का ससुर गांव जवां निवासी धर्मपाल आजकल आदर्श कालोनी में रहते हैं। वह सुबह करीब सात बजे शहर थाने में पहुंचे और कहा कि उनका दामाद घर के बाहर है। वह किसी की जान लेने की कोशिश में है। उसके हाथ में रॉड है तथा उस पर खून लगा हुआ है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस फुर्ती से सुखराम अस्पताल के पीछे आदर्श कालोनी में पहुं्च गई। पुलिसकर्मी ने जैसे ही उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी नरेश धनखड़ ने उन पर रॉड से हमला कर दिया। पुलिसकर्मी रामदिया ने रॉड हाथ से रोकने का प्रयास किया और लुकेमान ने उसे पीछे से पकड़ लिया। इतनी देर में ही अन्य पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और लोगों की सहायता से उसे काबू किया। इस दौरान नरेश के भी सिर पर चोट लग र्गई। पुलिस ने उसे काबू करते ही नागरिक अस्पताल में लाई तथा वहां उसे इंजेक्शन देने के बाद प्राथमिक उपचार दिया तथा फरीदाबाद बादशाह खान अस्पताल ले गई। जैसे ही लोगों को पता चला कि आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है तो लोग घरों से बाहर निकल आए। 

पहले भी पुलिस कर्मी से कर चुका है मारपीट
आरोपी नरेश धनखड़ दो साल पहले 15 जून 2015 को कैंप थाना क्षेत्र में साइबर सेल में कार्यरत पुलिस कर्मी मनोज कुमार के साथ मारपीट करने के साथ उसकी वर्दी फाड़ चुका है। उस आरोप में कैंप थाने में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 332, 353 के तहत मामला दर्ज हुआ था। उसे गिरफ्तार भी किया गया था। उसी दिन से वह जमानत पर था तथा अदालत में हर पेशी पर आता था। इस मामले में अदालत में 18 जनवरी को उसकी तारीख भी है।

पलवल जिले में सुरक्षा के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। इन छह हत्याओं की वारदात ने साबित कर दिया है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म है। पलवल जिले में आए दिन हत्याएं व लूटपाट की वारदात हो रही है और पुलिस विभाग केवल झूठे दावे करने में लगा रहता है। सरकार को चाहिए कि इस समय जिला पलवल में जो भी पुलिस अधिकारी लगे हुए हैं, उन्हें निलंबित किया जाए। पलवल के लोग आज सुरक्षित नहीं है। पुलिस केवल चालान काटने व उगाही करने में लगी रहती है। -करण सिंह दलाल, कांग्रेस विधायक

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