जेएनयू में छात्र नजीब अहमद के गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने मामले की छानबीन के लिए एसआईटी का गठन कर दिया। अतिरिक्त जिला पुलिस उपायुक्त की देखरेख में एसआईटी अपना काम करेगी।
दक्षिण जिला पुलिस सूत्रों के अनुसार एसआईटी में तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों व टेक्नीकल स्टाफ समेत 20 से अधिक लोगों को शामिल किया गया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा भी अपने स्तर पर नजीब की तलाश में जुटी है।
जेएनयू मामले को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को गृहमंत्री ने पुलिस आयुक्त को बुलाकर बैठक की। राजनाथ सिंह के निर्देश पर फौरन एसआईटी का गठन कर दिया गया। टीम के सदस्य छानबीन के बाद अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौपेंगे। टीम ने बृहस्पतिवार से ही अपना शुरू कर दिया है। स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर दक्षिणी पी.कामराज रोजाना एसआईटी से अपडेट लेंगे।
पड़ोसी राज्यों के एसएसपी को सूचित करने के अलावा पूरे भारत में नजीब की तलाश
प्रदर्शनरत छात्र
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इधर, मामले की छानबीन कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों के एसएसपी को सूचित करने के अलावा पूरे भारत में नजीब की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा अखबारों में विज्ञापन भी दिए जा रहे हैं।
पुलिस ने नजीब के बारे में सुराग देने वाले के लिए पचास हजार के इनाम की घोषणा पहले ही कर दी थी। इधर, पुलिस ने नजीब की सीडीआर भी निकलवाई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आखिरी बार नजीब को एक ऑटो में बैठकर कैंपस से जाते हुए देखा गया था।
इसके लिए उनके पास एक गवाह भी है। वहीं, पुलिस दक्षिण दिल्ली के ऑटो चालकों से भी नजीब के बारे में पूछताछ करने का प्रयास कर रही है। बता दें कि 15 अक्तूबर को जेएनयू हॉस्टल में रहने वाला नजीब अचानक गायब हो गया था। एक दिन पूर्व उसका एबीवीपी के कुछ छात्रों से झगड़ा हुआ था। इसकी शिकायत पुलिस व जेएनयू प्रशासन दोनों से की गई थी।