एशियन अस्पताल में बुखार से पीड़ित गर्भवती महिला की मौत के बाद उसके परिजनों को 18 लाख रुपये का बिल थमाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने पांच सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी है।
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पैसे नहीं जमा करवाने पर इलाज में देरी के कारण उनकी बेटी की मौत हुई। बृहस्पतिवार देर शाम तक एसआईटी अस्पताल में मामले की जांच में जुटी रही और रिकॉर्ड को कब्जे में लिया।
पिछले दिनों एशियन अस्पताल में इलाज के दौरान हुई महिला श्वेता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के बाद बृहस्पतिवार को परिजनों ने बार कांउसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा की निगरानी कमेटी के मनोनित सदस्य एडवोकेट शिवदत्त वशिष्ठ के नेतृत्व में जिला उपायुक्त अतुल कुमार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
जिला उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा को कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस पर अरोड़ा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में एसडीएम प्रताप सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश, आईएमए के डॉ. सुरेश अरोड़ा व डॉ. गीता पालीवाल शामिल हैं।
डॉ. अरोड़ा ने बताया कि टीम ने टीम ने अस्पताल जाकर श्वेता से संबंधित सारा रिकॉर्ड जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद ही वे कुछ बता सकेंगे।