साइबर सिटी में शेयरिंग कैब व ऑटो में सफर करना सुरक्षित नहीं है। शेयरिंग ऑटो व कैब में होने वाली वारदात ने पुलिस की भी नींद उड़ानी शुरू कर दी है। शेयरिंग ऑटो व कैब की आड़ में कुछ गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं जोकि वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं और पुलिस के हत्थे कोई सुराग नहीं लग पाता।
वारदात के लिए प्रयोग की जाने वाली कैब पर नंबर भी फर्जी निकलता है। हालांकि गुरुग्राम पुलिस द्वारा शेयरिंग कैब व ऑटो प्रयोग करने को लेकर गाइडलाइन भी जारी की गई थी। इतना ही नहीं इनके नंबर सही हैं या नहीं इसे भी चेक करने के लिए एक ऐप बनाया गया थी, लेकिन इसे भी ठप कर दिया गया।
गुरुग्राम पुलिस के पास अब न तो शहर में चल रही ऑटो व कैब का कोई डाटा है और न ही चालकों की कोई जानकारी। ऐसे में कैब में सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा राम भरोसे है।
शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में लोगों को शेयरिंग कैब, ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। शहर के राजीव चौक, एटलस चौक, इफ्को चौक, बस अड्डा, उद्योग विहार, सिकंदरपुर, एमजी रोड, कापसहेड़ा बॉर्डर, शंकर चौक सहित अन्य स्थान हैं, जहां से लोग इन कैब का सहारा लेकर अपना सफर तय करते हैं।
लूटपाट के लिए ऐसे व्यक्ति को ढूंढा जाता है जोकि उनके रूट पर जाने वाला अकेला ही हो। ऐसे में कैब व ऑटो में सवार अन्य साथी गाड़ी चलते ही उस पर टूट पड़ते हैं और वारदात को अंजाम देकर सवारी को बीच राह में ही छोड़कर फरार हो जाते हैं। ऐसे ही मामले लगातार पुलिस के सामने आ रहे हैं।