गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (जीबीयू) में बीटेक छात्र से यौन शोषण के मामले में फरार आरोपी प्रोफेसर ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी दी है। उसके खिलाफ थाना इकोटेक-वन में रिपोर्ट दर्ज है।
गिरफ्तारी से बचने को एसीजेएम फर्स्ट के समक्ष प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, लेकिन सादा कपड़ों में पुलिस की मौजूदगी की भनक लगने से आरोपी न्यायालय नहीं पहुंचा। यौन उत्पीड़न के मामले पर कार्रवाई के लिए बनाई गई जांच कमेटी मानकों के अनुसार न होने के कारण भंग कर दी है। अब नए सिरे से जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद ये बदलाव किया जा रहा है।
एमफिल छात्रा के परिजन जाएंगे अदालत
वहीं जीबीयू में ही दूसरे मामले में एमफिल छात्रा से यौन शोषण के मामले में पीड़ित परिजनों ने दूसरे प्रोफेसर को निलंबित कर गिरफ्तारी की मांग की। इकोटेक पुलिस पर जांच में प्रोफेसर का सहयोग देने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि एसएसपी से मिलकर जांच दूसरे थाने में शिफ्ट कराएंगे। जरूरत पड़ी तो अदालत की में जाएंगे। छात्रा के भाई का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के तीन माह बाद भी उनकी बहन के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान तक नहीं कराए। अभी तक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद केवल एक बार ही फोन से संपर्क किया। कई बार वह स्वयं जाकर पुलिस से मामले की कार्रवाई में प्रगति जानने का प्रयास किया। लेकिन जांच अधिकारी छेड़छाड़ करने के सुबूत मांगने लगते हैं।
बदला लेने की दी थी धमकी
एफफिल की छात्रा काफी डरी हुई है। प्रोफेसर ने बदला लेने की धमकी दी थी कि वह उसे बदनाम कर देगा। वहीं, कुछ छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन करने के दौरान पांच दिन पहले यूनिवर्सिटी के एक अफसर ने छात्र-छात्राओं को भगाने के लिए हवाई फायरिंग की थी। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इससे साफ इंकार किया है।
बदनामी से बचाने की लगाई गुहार
जीबीयू में पढ़ रही छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को कुलपति जेपी शर्मा से मिला। छात्राओं ने कहा कि इन मामलों की जल्द जांच कराते हुए जो भी कार्रवाई हो उसे पूरा कर समस्या को दूर कराया जाए। आए दिन खबरें प्रकाशित होने से उनकी छवि भी खराब हो रही है। छात्राओं का आरोप है कि कुछ तत्व ऐसे हैं जो यूनिवर्सिटी को बदनाम करा रहे हैं। प्रोफेसर पर लगे आरोप से सभी छात्राओं को लोग अलग नजर से देखने लगे हैं।
छात्रा की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। हालांकि मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं हो पाए। चूंकि छात्रा घटना के बाद घर चली गई थी और इस मामले की महिला आयोग से भी जांच चल रही थी। आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।- शाहनजर अहमद, थानाध्यक्ष इकोटेक वन
छात्र-छात्राओं द्वारा लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। उनमें सिर्फ 100 छात्र-छात्राएं हैं जबकि अन्य 3500 छात्र-छात्राओं को इस आंदोलन से कोई लेनादेना नहीं है। दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ पुलिस जांच कर रही है। यूनिवर्सिटी दूसरे प्रोफेसर के मामले पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। इस समय दूसरी छात्राएं बदनामी के भय से डरी हुई हैं।- अमर नाथ उपाध्याय, रजिस्ट्रार जीबीयू