दिल्ली के नरेला इलाके में रविवार रात को जिस्मफरोशी की कॉल पर गए पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने हमला कर दिया। लोगों को शक था कि पुलिसकर्मी धंधा करने वालों को बिना कार्रवाई के छोड़ रहे हैं।
नाराज लोगों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। हमले में नरेला के एसएचओ समेत 10 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। पथराव के दौरान थानाध्यक्ष की जिप्सी समेत पुलिस के चार वाहनों को तोड़ दिया गया।
हालात को देखते हुण् भारी संख्या में पुलिस बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ दिया। घायल पुलिसकर्मियों को राजा हरीशचंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दंगा व बवाल करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
जिस्मफरोशी का धंधा चलाने वाले तीन युवतियां हिरासत में
पुलिस के मुताबिक रविवार देर रात नरेला थाना पुलिस को फोन कर किसी ने सूचना दी कि ए-10 ब्लॉक के एक मकान में जिस्मफरोशी का धंधा किया जा रहा है।
खबर मिलते ही एसएचओ गुलाम शब्बीर समेत कई अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। एक मकान से तीन युवतियों व तीन युवकों को हिरासत में लिया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। आरोपियों से पूछताछ के दौरान स्थानीय लोगों को लगा कि पुलिसकर्मियों से आरोपियों की साठ-गांठ है।
... और ये करते ही भीड़ ने खदेड़ लिया
लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ का कहना था कि पुलिस की मिलीभगत से ऐसे धंधे फलफूल रहे हैं। इस बीच भीड़ में कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
आरोप है कि लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पुलिस को पीटा। हमले में नरेला थाने के प्रभारी गुलाम शब्बीर, उनका चालक सुशील व सिपाही राकेश समेत दस पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।
भीड़ ने पुलिस के चार वाहनों को भी तोड़ डाला। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और जिस्मफरोशी के आरोपियों से पूछताछ कर रही है।