अपने दो नाबालिग बच्चों की हत्या और खुदकुशी की कोशिश के मामले में एक महिला को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने नरमी के आग्रह को खारिज करते हुए कहा कि इस घटना को अंजाम देते समय महिला की मानसिक स्थिति खराब नहीं थी।
महिला ने पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में 2010 में इस निर्मम वारदात को अंजाम दिया था। तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार द्वितीय ने तिलक नगर निवासी सोनाली सचदेव को हत्या व खुदकुशी की कोशिश का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने कहा कि हालांकि इस मामले में दो मासूम जिंदगी खत्म हो गईं लेकिन यह मामला दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं आता। पुलिस ने मार्च 2010 में सोनाली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।