निशांत कालोनी में रहने वाले एक फैक्ट्री कर्मी की पत्नी और एक वर्षीय बेटे की शुक्रवार रात संदिग्ध हालात में जलने से मौत हो गई।
महिला और बच्चे का झुलसा शव घर के एक कमरे में बरामद हुआ है, जबकि दूसरे कमरे में ही महिला के दो और बच्चे सो रहे थे। घटना के दौरान महिला का पति नाइट ड्यूटी पर था।
पति का कहना है कि उसकी पत्नी मानसिक तनाव में थी। जिसके चलते उसने बेटे के साथ आत्महत्या कर ली है। पुलिस भी मामले को आत्महत्या मान रही है।
सवाल यह उठता है कि जिस समय महिला ने आग लगाई होगी तो वह चिल्लाई भी होगी। आखिर पड़ोसियों को इसकी भनक क्यो नही लगी?
मूल रुप से बिहार के सीतामढ़ी जनपद का रहने वाला महावीर पुत्र महेंद्र सात वर्षों से लोनी की निशांत कालोनी में पत्नी रिंकी और तीन बच्चों के साथ रह रहा है, तथा ट्रॉनिका सिटी की एक फैक्ट्री में काम करके परिवार की गुजर बसर चला रहा है।
करीब छह वर्ष पूर्व पहली पत्नी की कैंसर के कारण मौत हो जाने के बाद उसने अपनी छोटी साली रिंकी (26) से शादी कर ली थी।
महावीर ने बताया कि शनिवार शनिवार सुबह 7.30 बजे वह जब फैक्ट्री से वापस लौटा तो उसकी पत्नी रिंकी एवं एक वर्षीय पुत्र राज का जला हुआ शव कमरे में पड़ा था।
जबकि उसकी पुत्री रीता एवं पुत्र लक्खी दूसरे कमरे में सो रहे थे। वहीं, पुस्ता चौकी इंचार्ज का कहना है कि रिंकी ने अपने एवं बेटे के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर आत्महत्या की है।
रिंकी के पति महावीर ने बताया कि करीब एक माह पूर्व उसका एक्सीडेंट हुआ था जिसमें वह चोटिल हो गया था। रिंकी को घटना का पता लगा तो डिप्रेशन में चली गई। 10 दिन पूर्व वह पत्नी को डॉक्टर के पास भी ले गया था।