नकली नोट छापने के आरोप में पकड़ा गया बदमाश।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली, सोनीपत और हरियाणा के तीन युवकों का नकली नोट प्रिंट कर हवाला कारोबारी और बुकीज को सप्लाई करने का गोरखधंधा सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 18 लाख रुपये के नकली नोट के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बरामद सभी नोट 2000 रुपये के हैं। पुलिस की मानें, तो सभी नोटों को स्कैन करने के बाद प्रिंट किया गया था। ये नोट हवाला कारोबारियों और बुकीज को सप्लाई किए जाने थे। बरामद नोट दिखने में एकदम असली लगते हैं। स्पेशल सेल आरोपियों से पूछताछ कर छानबीन कर रही है।
पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी आजाद सिंह (36) और गांव नाहरी, सोनीपत, हरियाणा निवासी मनोज उर्फ सोनू (37) व सुनील (27) के रूप में हुई है। उपायुक्त ने बताया कि इंस्पेक्टर संजय नागपाल व प्रभात कुमार की टीम को शुक्रवार को सूचना मिली कि नकली नोटों का धंधा करने वाला गैंग सिंगोला, नरेला, एनएच-1 के पास इकट्ठा होने वाला है।
ऐसे सप्लाई करते थे नकली नोट
नकली नोट छापने के आरोप में पकड़ा गया बदमाश।
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सूचना के बाद टीम वहां पहुंची। इस बीच मास्टर माइंड आजाद सिंह स्कॉर्पियो से वहां पहुंचा। कुछ देर बाद ही मनोज व सुनील भी बाइक से पहुंच गए। आजाद ने एक बैग से आठ-आठ लाख रुपये के नकली नोट निकालकर दोनों को दिए। इसी दौरान पुलिस ने रेड कर तीनों को दबोच लिया।
तीनों के पास से कुल 18 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। आजाद अपने गैंग से नोट लाकर मनोज व सुनील को 40 फीसदी कीमत पर मुहैया करवा रहा था। मनोज व सुनील इन नोटों को हवाला कारोबारियों व बुकीज को दे देते थे।
आजाद का गैंग असली नोटों को स्कैन करता था। फिर उसका अच्छे पेपर पर प्रिंट ले लिया जाता था। देखने में ये नोट एकदम असली लगते थे। आजाद को पता था कि मनोज के कुछ हवाला कारोबारियों और बुकीज (सट्टे का धंधा करने वाले लोग) से पहचान है।
मनोज अपनी पहचान का फायदा उठाकर नकली नोट उन्हें दे देता था। बड़ी रकम में कुछ नकली नोट आसानी से खपा दिए जाते थे। मनोज ने पुलिस को बताया कि वह दो-तीन बार आजाद से नोट लेकर इसी तरह खपा चुका है।
आरोपियों पर अपहरण और रेप के मामले हैं दर्ज
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नोटबंदी के बाद आए 500 और 2000 के नोटों के असली या नकली होने की पहचान अभी कुछ लोगों को नहीं है। इसका फायदा उठाकर ये लोग नकली नोटों का धंधा कर रहे थे। आजाद ने पुलिस को बताया कि प्रिंट होने के बाद भी उसके नोटों को कम ही लोग पहचान पाते थे।
पुलिस छानबीन में पता चला कि आजाद के खिलाफ लूटपाट और अपहरण कर हत्या के प्रयास के दो मामले दर्ज हैं। मनोज के खिलाफ रेप व वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज है। सुनील, मनोज के कहने पर उनके साथ काम करने को तैयार हुआ।