लगातार विवादों में घिरे फरीदाबाद बिजली निगम में एक और बिल गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
यह मामला दो सब-डिवीजनों से जुड़ा हुआ है। इसमें बैंक कर्मी व बिजली निगम कर्मियों की मिलीभगत से बिजली विभाग को करीब सात लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है। निगम ने इसकी रिकवरी कर ली है।
जानकारी के मुताबिक, एक निजी बैंक कर्मचारी ने उपभोक्ताओं के बिल अमाउंट के डिमांड ड्राफ्ट दो बिजली सब-डिवीजनों पाली एवं एनएच-पांच में जमा दिखा दिए। जबकि बिल अमाउंट न तो बैंक में गया और न ही बिजली निगम के खाते में।
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एसई आरएस यादव के नेतृत्व में जब इन दोनों सब-डिवीजनों में जांच की गई तो एनएच-पांच में 18 डिमांड ड्राफ्ट का विवरण मिला।
बताया गया है कि बैंक कर्मी और निगम कर्मचारी की मिलीभगत से ड्राफ्ट की राशि हड़प ली गई थी। लेकिन जांच के बाद निगम की टीम ने इस राशि की रिकवरी कर ली है।
मामले की जांच अभी चल रही है। आरएस यादव का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।