मेवात के गांव गोहाना की महिला सरपंच व उसके पति पर कई दिन पहले मुकदमा दर्ज होने के बाद कोई कार्रवाई न होने से शिकायत पक्ष के लोगों में नाराजगी है।
वहीं, पुलिस मामले की जांच करने की बात कहकर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगीना थाना क्षेत्र के गांव गोहाना निवासी शिवलाल पुत्र रामसिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके भाई की पत्नी ने बिमलेश उर्फ बिमला पत्नी दिनेश कुमार के खिलाफ सरपंच का चुनाव लड़ा था।
इस चुनाव में बिमलेश जीत गई, लेकिन उसने अपने आवेदन के साथ जो शैक्षणिक प्रमाण-पत्र लगाया था वह फर्जी था। प्रेम बाल जूनियर हाई स्कूल मथुरा से जारी प्रमाण-पत्र के बारे में प्रार्थी ने आरटीआई से सूचना प्राप्त की, जिसके मुताबिक सरपंच के प्रमाण-पत्र का क्रमांक संक्या 184 दर्शाई हुई है।
जबकि, खंड शिक्षा अधिकारी मथुरा ने इस क्रमांक से कोई प्रमाण-पत्र जारी करने से मना किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह प्रमाण-पत्र फर्जी है, और सरपंच बिमलेश व उसके पति दिनेश ने गलत तरीके से चुनाव लड़ा।
ग्रामीणों ने जब इसकी शिकायत करनी चाही तो आरोपियों ने हरिजन एक्ट में फंसवाने की धमकी दी। आरोपी बिमलेश अपने मायके गोकलपुर थाना पुन्हाना से कक्षा 4 में फेल है।
वहीं, उसका पति दिनेश दसवीं पास है, तथा उसकी जन्म तिथि 14 अक्टूबर 1995 है। इसके बावजूद दिनेश के पिता ओमप्रकाश ने साल 2013 में दिनेश कुमार का अनपढ़ होने का हलफनामा बनवा लिया तथा नाबालिग होने के बावजूद उसकी शादी बिमलेश से कर दी।
इसी हलफनामे के आधार पर लड़की के पिता मोतीलाल ने फर्जीवाड़ा कर कन्यादान की राशि भी सरकार से प्राप्त कर ली। वहीं आरोपी बिमलेश जो चौथी कक्षा फेल हैं, उसने फर्जी तरीके से आठवीं कक्षा पास का प्रमाण-पत्र बनवाकर गलत तरीके से चुनाव लडा और कानून की उल्लंघना की।