सराय ख्वाजा टोल प्लाजा पर तैनात दो कर्मचारी पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) की फर्जी रसीदों के जरिए धोखाधड़ी करते हुए पाए गए। टोल कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि पुलिस ने अभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-2 का टोल टैक्स दिल्ली सीमा पर सराय ख्वाजा में है। टोल प्लाजा का प्रबंधन डीईपी टोल एलएलपी कंपनी कर रही है। जगदीश और हरप्रीत नाम के युवकों को कंपनी की ओर से टोल वसूली के लिए तैनात किया गया था।
अमर सिंह कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक हैं। अमर सिंह के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि हरप्रीत और जगदीश इंनवायरन्मेंट कंपन्सेशन चार्ज (ईसीसी) की वसूली में धांधली कर रहे हैं। शक के आधार पर उन्होंने बृहस्पतिवार को टोल पहुंच कर जांच की।
जगदीश के पास से उन्हें फर्जी ईसीसी रसीद बुक मिली। अमर सिंह के मुताबिक यह रसीद बुक सराय ख्वाजा टोल के लिए नहीं जारी की गई थी। कहीं और से लाई गई इस बुक की रसी काटकर कमशयल वाहनों से वसूले जाने वाले 1400 रुपये यह दोनों हड़प रहे थे।
हरप्रीत के पास से कुछ रुपये भी बरामद हुए जिनके बारे में वह कुछ नहीं बता सका। उसने धोखाधड़ी में जगदीश के भी शामिल होने की बात बताई। मामले की जांच कर रहे सराय ख्वाजा थाने के एसआई अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
कंपनी की ओर से जांच के लिए उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
या जा रहा है। अब होली के बाद कहा जा रहा है। जिनके खाते हैं, उनमें आधार कार्ड लिंक नहीं हो पाया है। शिक्षक रोज बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।