शहर में स्थित एक पेट्रोल पंप पर किशोर से नौकरी कराने का मामला सामने आया। आरोप है कि किशोर जब वेतन मांगता तो उसे शराब पिला दी जाती थी।
उससे जब उम्र पूछी जाती तो वह उम्र 21 साल बताता। मौके पर पहुंचे चाइल्ड लाइन के सदस्य ने उसकी मदद करने का प्रयास किया लेकिन उसने मदद लेने से इनकार कर दिया। वहां पहुंची पुलिस ने उसका वेतन दिलाकर परिजन को सौंप दिया।
मूल रूप से बिहार का रहने वाला किशोर शहर में स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। मंगलवार दोपहर शराब के नशे में धुत किशोर पेट्रोल पंप पर स्थित एक ट्रक पर बैठा था।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते किया जा रहा मजबूर
औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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वह ट्रक के ऊपर से ही चिल्ला कर वेतन मांग रहा था। शराब के नशे में धुत उसे देखकर किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि बच्चा नशे में था जबकि इस संबंध में पेट्रोल पंप का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उसकी उम्र 21 वर्ष होने का दावा किया गया।
उसके पास 21 वर्ष के पहचान पत्र भी हैं। इसी आधार पर उसकी नौकरी पर रखा गया था। चाइल्ड लाइन के सदस्य अजीम ने बताया कि बच्चे के साथ धोखा किया जा रहा है।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उसको जबरन काम करने पर मजबूर किया जा रहा है। एसपी देहात अभिषेक यादव का कहना है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। जांच की गई तो पता चला कि काम करने वाले शख्स की उम्र 21 वर्ष है। उसको परिजन को सौंप दिया गया है।