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दोस्तों से पत्नी का रेप कराने वाले को कैद

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दिल्ली में पत्नी से दुष्कर्म के लिए उकसाने वाले पति को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता के बयान और डॉक्टरी जांच रिपोर्ट पर भरोसा करते हुए उसके पति को सजा सुनाई।
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रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमसी गुप्ता ने एफआईआर दर्ज होने में देरी के तर्क को खारिज करते हुए आरोपी पति व उसके मित्र को दस साल कैद की सजा सुनाई है।

अभियोजन के मुताबिक करीब 5-6 महीने तक 16 वर्षीय पीड़िता को तलाश करने में नाकाम रहने पर उसके पिता ने 21 अप्रैल 2011 को नरेला थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने पीड़िता को रेलवे स्टेशन से दो आरोपियों के साथ बरामद कर लिया था। इस मामले में दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
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पीड़िता ने बयान में कहा कि वह अपनी इच्छा से आरोपी के साथ शादी करने के लिए गई थी। उसने आरोप लगाया कि उसका पति उसे अपने दोस्तों के पास भेजता था। वहां उसे बंधक बनाकर कई दिनों तक दुष्कर्म और मार पिटाई की जाती थी।

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बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म में बरी

आठ साल की बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म मामले में विशेष पोक्सो अदालत ने आरोपी रमन कुमार को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विकास ढुल ने 21 नवंबर को आरोपी को बरी करते हुए कहा कि पीड़ित बच्ची ने पुलिस का सिखाया हुआ बयान दिया है। इसके मद्देनजर इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि बच्ची ने गलत शख्स की आरोपी के तौर पर पहचान की है।

बच्ची ने बयान में कहा कि आरोपी उसे अपने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया। दो दिनों बाद उसे कमरे से बाहर निकलने दिया। मामला डाबड़ी थाने इलाके से संबंधित है। अभियोजन के मुताबिक, लड़की के पिता ने 23 जनवरी 2013 को डाबड़ी थाने में बच्ची के गुम होने के सूचना दी थी।

दो दिन बाद वह खुद बच्ची को थाने में लेकर पेश हो गया था। लड़की का बयान दर्ज किया गया था लेकिन उसके पिता ने मेडिकल कराने से मना कर दिया था। पुलिस ने 12 मार्च 2013 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
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