दिल्ली हाईकोर्ट ने पांच वर्षीय बच्ची से रेप के मामले में दोषी को राहत प्रदान करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति पीके भसीन व न्यायमूर्ति जेआर मिड्ढा की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि गवाहों व साक्ष्यों से ओमप्रकाश का अपराध साबित हुआ है। ऐसा कोई आधार नहीं है जिससे बच्ची के बयान पर विश्वास न किया जाए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला अमन विहार थाना क्षेत्र का है। छह जून 2009 को बच्ची अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। कुछ देर बाद मां ने उसे गायब पाया।
बच्चों ने बताया कि उसे पड़ोसी ओमप्रकाश साथ ले गया है। लोगों की सहायता से उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने उसे उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोषी ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।