जिला एवं सत्र न्यायधीश अलका मलिक की अदालत ने बुधवार को विवाहित महिला की ओर से दुष्कर्म के आरोप के एक मामले में सबूतों व गवाहों के अभाव में आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया है।
पुलिस फाईल से प्राप्त जानकारी के अनुसार पालम विहार थाना क्षेत्र के गांव बजघेड़ा की एक नौसेना सैनिक की विवाहित ने अपने ही एक रिश्तेदार के खिलाफ गत वर्ष 23 अगस्त को मामला दर्ज कराया था।
आरोपों के अनुसार उक्त रिश्तेदार का उसके घर में आना जाना था और इसी दौरान उसने उसके साथ जबरदस्ती शारिरिक संबंध बना लिए थे। 23 तारीख को जब वह उसके साथ जबरदस्ती करने लगा तो उसने शोर मचा दिया।
जिससे उसके परिजन जाग गए और आरोपी की अच्छी धुनाई भी कर दी थी परिजनों ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई अदालत में चली।
अभियोजन पक्ष ने जो गवाह व सबूत अदालत में पेश किए उनसे आरोपी पर आरोप साबित होना न पाते हुए आरोपी को दुष्कर्म के आरोपों से मुक्त कर दिया है।
दुष्कर्म के मामलों में हुई सुनवाई
दुष्कर्म के दो विभिन्न मामलों में अदालतों में सुनवाई हुई। बीते साल सेक्टर 46 थाना क्षेत्र के गांव वजीराबाद में सुरक्षा कर्मी बाबूलाल ने एक मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में चालान चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर दिया था। बुधवार को अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए इस मामले को जिला एवं सत्र न्यायालय भेज दिया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश अलका मलिक की अदालत ने आरोपी पर आरोप तय करते हुए आगामी सुनवाई के लिए 42, 25 व 26 फरवरी की तारीख तय कर दी है। इन तारीखों पर अदालत मामले से जुडे़ गवाहों की गवाही कराएगी। इसी प्रकार एक अन्य मामले में उक्त अदालत ने सुनवाई करते हुए पुलिस के गवाहों की गवाहियां भी कराई।
गत वर्ष शहर थाना पुलिस के मनोहर लाल क्षेत्र में पड़ोसी संजय ने अढ़ाई वर्षीय बच्ची के साथ अपने कमरे में दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। परिजनों ने उसे काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया था। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए अन्य गवाहों को समन भेजने के लिए आगामी 26 फरवरी की तारीख तय कर दी है।