फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर में घुसकर भुन दिया प्रॉपर्टी डीलर और पत्नी को

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेनो के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के सुथ्याना गांव में प्रॉपर्टी डीलर रामपाल सिंह (42) अपनी पत्नी आरती (29) और तीन बच्चों रेवा, विशाल और सीमा के साथ मकान की तीसरी मंजिल पर रहते थे। नीचे की दो मंजिल पर किराएदार रहते हैं। बृहस्पतिवार रात करीब पौने बारह बजे दो गाड़ियों में सवार होकर सात-आठ बदमाश आए और उन्होंने तीसरी मंजिल पर जाकर रामपाल से दरवाजा खुलवाया।
विज्ञापन


जहां पर बदमाशों ने दंपति को गोलियों से भून दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोगों में हड़कंप मच गया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।

दोनों को कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी डॉ. प्रितिंदर सिंह, एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के भाई राजपाल ने गांव के ही नरेश, अज्जू और पवन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। सीओ अनुराग सिंह और कोतवाल आरोपियों को गिरफ्तार करने में जुट गए हैं।
विज्ञापन

11 अप्रैल को थी गवाही

ग्रामीणों की मानें तो पिछले साल जुलाई में रामपाल के भाई राजपाल पर जानलेवा हमला किया गया था। जिसमें गांव के ही नरेश और अज्जू समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

मामले में रामपाल गवाह था। 11 अप्रैल को रामपाल की गवाही थी। अंदेशा है कि उसी के चलते रामपाल की हत्या कर दी गई। जबकि पहचाने जाने के डर से उसकी पत्नी आरती को भी मौत के घाट उतार दिया गया।

दुकान के चलते गई जान

सुथ्याना गांव में एक बुजुर्ग की दुकान थी। उस दुकान पर हापुड़ के भरानपुर निवासी श्रीपाल ने कब्जा कर लिया था। इस बात से दुकान मालिक खुश नहीं था। जिसके चलते उस दुकान को सुथ्याना निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुरेश नागर ने खरीद लिया था।

दुकान अपने नाम कराने के बाद सुरेश ने श्रीपाल से कहा था कि वह दुकान से कब्जा छोड़ दे। साल 2012 में सुरेश नागर की कच्ची सड़क पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।

उस मामले में श्रीपाल, सतीश और मृतक रामपाल का भाई जगत पर हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। तीनों इन दिनों जेल में हैं। इसके अलावा एक मजदूर की भी हत्या कर दी गई थी। इस दुकान के चलते अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है।
विज्ञापन

सिर से उठ गया मां-बाप का साया

रामपाल के तीन बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। तीन से छह साल के बच्चों को यह तक पता नहीं है कि उनके घर में क्या हुआ है। तीनों अपनी मौसी के साथ खेल रहे थे।

घटना के दौरान तीनों बच्चे सोए हुए थे और गोली चलने के बाद ही उठे थे। उसके बाद परिवार के लोग उन्हें दूसरे घर ले गए। इनका बेटा सबसे छोटा है जो तीन साल का है उसे तो कुछ भी खबर नहीं है ‌कि अब उसके माता-‌पिता नहीं रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें